जहां स्कूल का मर्जर किया वहीं खोलेंगे PDA की पाठशाला…यूपी सरकर पर भड़के अखिलेश

उत्तर प्रदेश

समाजवादी पार्टी के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बार फिर यूपी में कई प्राइमरी स्कूलों का अन्य स्कूलों में विलय को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि अगर बीजेपी ने स्कूल का मर्जर किया तो उनकी पार्टी हर उस गांव में पीडीए पाठशाला खोलेगी जहां बच्चों से पढ़ाई का बुनियादी हक छीना जा रहा है. उन्होंने कहा कि पीडीए समाज के खिलाफ साजिश है.

अखिलेश यादव ने गुरुवार (24 जुलाई) को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया है. जिसमें उन्होंने कहा ‘अगर शिक्षा का महत्व न समझने वाले भाजपाइयों ने हाईकोर्ट के आदेश के ख़िलाफ़ जाकर अपनी बुलडोजरी मनमर्जी चलाई और स्कूल का मर्जर किया तो हम हर उस गांव में पीडीए पाठशाला खोल देंगे जहां बच्चों से पढ़ाई का बुनियादी हक छीना जा रहा है.

‘पीडीए समाज के खिलाफ बीजेपी की साजिश’

इसके आगे उन्होंने कहा ‘ये पीडीए समाज के खिलाफ एक बड़ी भाजपाई साजिश है. भाजपा और उनके संगी-साथी हर जगह अपने कार्यालय तो खोल रहे हैं लेकिन स्कूल बंद कर रहे हैं. भाजपा जाए तो शिक्षा आए’.

‘बीजेपी की नीतियों में शिक्षा शराब से पिछड़ जाती है’

इसके साथ ही एक और पोस्ट में अखिलेश बीजेपी सरकार पर हमला करते हुए कहा ‘भाजपा की नीतियों में शिक्षा शराब से पिछड़ जाती है क्योंकि शिक्षा जगाती है, चेतना बढ़ाती है जबकि शराब सुलाती है, चेतना हर जाती है. रूढ़िवादी भाजपा को जाग्रत समाज नहीं चाहिए. भाजपा जाए तो शिक्षा आए!’.

‘शराब की दुकानें खोलने पर कोई रोक नहीं’

इससे पहले आजमगढ़ में पार्टी के ऑफिस के उद्घाटन के दौरान भी अखिलेश सपा प्रमुख ने यूपी में कई प्राइमरी स्कूलों का अन्य स्कूलों में विलय को लेकर सरकार पर तीखा वार किया था. उन्होंने कहा था कि यूपी सरकार राज्य में हजारों प्राइमरी स्कूलों को बंद कर रही है. इससे बच्चों का भविष्य खतरे में है. उन्होंने कहा था कि यह बेहद दुख की बात है कि सरकार हजारों स्कूल बंद कर रही है, लेकिन पूरे राज्य में नई शराब की दुकानें खोलने पर कोई रोक नहीं है. उन्होंने कहा कि ये दो बातें दिखाती हैं कि बीजेपी की प्राथमिकताएं क्या हैं.

उन्होंने कहा था कि ये लोग प्राइमरी स्कूल बंद कर रहे हैं. ये स्कूल अभी पांच हजार हैं. फिर पांच हजार बंद करेंगे. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार गरीबों से शिक्षा छीनना चाहती है. स्कूल चार किलोमीटर दूर है तो कितने गरीब अपनी बेटियों को स्कूल भेज पाएंगे. उन्होंने ये भी कहा था कि पांच हजार वो गांव चिन्हित किए गए हैं. जिन बूथों पर बीजेपी हारी है. उन्होंने कहा कि ये सोची समझी रणनीति है और साजिश है.

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