छत्तीसगढ़ का गौरव! जल संचय और जनभागीदारी में बालोद जिला देश में अव्वल, राष्ट्रीय पुरस्कार के रूप में मिलेंगे ₹2 करोड़

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले ने एक बार फिर बड़ी उपलब्धि हासिल की है. ये जिला लगातार नई ऊंचाइयां छू रहा है. अब बालोद जिले ने जल संचयन, जन भागीदारी अभियान के अंतर्गत देश के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिले (Best Performing District) के रूप में पहला स्थान प्राप्त किया है.

राष्ट्रीय जल मिशन की अतिरिक्त सचिव एवं मिशन निदेशक अर्चना वर्मा ने जिले के लिए कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा को बधाई दी है. उन्होंने पत्र भेजकर लिखा कि ‘जल-सुरक्षित भविष्य के लिए कलेक्टर के नेतृत्व, दृष्टिकोण और परिवर्तन लाने की क्षमता ने न केवल जल संरक्षण बल्कि जन व्यवहार में बदलाव को भी प्रोत्साहित किया है.’

अर्चना वर्मा ने कहा कि कलेक्टर ने समुदाय-नेतृत्व वाले जल संरक्षण प्रयासों को बढ़ावा देकर अपने जिले में जल-सकारात्मक पहल को प्रेरित किया है और लोगों के भीतर जल के प्रति सम्मान को पुनर्जीवित किया है.

राष्ट्रीय जल मिशन की सराहना

राष्ट्रीय जल मिशन की अतिरिक्त सचिव और मिशन निदेशक अर्चना वर्मा ने यह भी कहा कि अब हम जल संचयन, जन भागीदारी अभियान 2.0 के अंतर्गत 1 करोड़ कृत्रिम पुनर्भरण और जल संरक्षण संरचनाएं बनाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं.

उन्होंने कलेक्टर के नेतृत्व और समर्पण की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि ‘हमें विश्वास है कि बालोद जिला एक बार फिर इस अवसर पर खरा उतरेगा और अपने कार्यों से पूरे देश को प्रेरित करेगा.’

2 करोड़ की प्रोत्साहन राशि मिलेगी

भारत सरकार ने जल संचयन, जन भागीदारी (JSJB 1.0) के अंतर्गत बालोद जिले में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए 2 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की घोषणा की है. जल संचयन एवं जन भागीदारी (JSJB 1.0) के जोन 02 में शामिल बालोद जिले में कलेक्टर के सतत मार्गदर्शन में समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी से जल संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किए गए हैं. इन्हीं प्रयासों के फलस्वरूप बालोद जिले को यह राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हुई है.

बनाए गए 10 हजार वाटर रिचार्ज पिट

बालोद जिले में जल संचय जन भागीदारी अभियान के तहत समाज के सभी वर्गों की भागीदारी से जल संरक्षण के कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं. जिले में 1 लाख 6 हजार 677 नई जल संरचनाओं का निर्माण और 30 हजार 849 पुराने जल स्रोतों की मरम्मत एवं सफाई की गई है.

इसके अलावा, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकानों में 10 हजार वाटर रिचार्ज पिट बनाए गए हैं. साथ ही, 3 लाख 88 हजार पौधों का रोपण भी किया गया है, जिससे मृदा और जल संरक्षण को मजबूत बढ़ावा मिला है.इन उत्कृष्ट कार्यों के लिए बालोद जिले को 2 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है.

जल संचय जन भागीदारी अभियान के तहत बालोद जिले ने देशभर में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है. इन प्रयासों के परिणामस्वरूप, बालोद को जल संचय जन भागीदारी (JSJB 1.0) के अंतर्गत देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है. इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए भारत सरकार द्वारा जिले को 2 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई है.

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