छत्तीसगढ़िया राइस की विदेश में डिमांड, कोस्टा रिका भेजी गई 12 मीट्रिक टन फोर्टिफाइड चावल कर्नेल

छत्तीसगढ़

रायपुर: वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने छत्तीसगढ़ से कोस्टा रिका के लिए 12 मीट्रिक टन फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (एफआरके) की पहली निर्यात खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने कहा, यह पहल पीएम नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी कार्यक्रम, “कुपोषण मुक्त भारत” के अनुरूप है, जिसे पोषण अभियान के तहत लागू किया जा रहा है, जिसके माध्यम से भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) पूरे देश में फोर्टिफाइड चावल वितरित कर रहा है. फोर्टिफाइड राइस कर्नेल का निर्यात भारत के घरेलू पोषण मिशन को वैश्विक पहुंच के साथ एकीकृत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

कोस्टा रिका भेजी गई फोर्टिफाइड चावल कर्नेल: छत्तीसगढ़ राज्य ने चावल और फोर्टिफाइड चावल उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं. शासन की कोशिश है कि राज्य के किसानों, मिल मालिकों और निर्यातकों को अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में सामान बेचने का मौका मिला और उनके उत्पाद को पहचान मिले. एपीडा अध्यक्ष अभिषेक देव ने बताया कि कोस्टा रिका को एफआरके का सफल निर्यात पोषण-समृद्ध खाद्य उत्पादों की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में छत्तीसगढ़ की बढ़ती भूमिका को दिखाता है.

”कुपोषण से लड़ने में मिलेगी मदद”: एपीडा के अध्यक्ष अभिषेक देव ने इस सफलता को प्राप्त करने में शामिल निर्यातकों और हितधारकों को बधाई दी है. देव ने कहा, भारत से फोर्टिफाइड चावल का निर्यात न केवल देश के कृषि निर्यात पोर्टफोलियो को मजबूत करता है, बल्कि विज्ञान आधारित और विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त खाद्य समाधानों के माध्यम से कुपोषण को दूर करने की हमारी प्रतिबद्धता को दिखाता है. एपीडा अध्यक्ष ने कहा कि हमें फोर्टिफाइड और वैल्यू एडेड खाद्य उत्पादों के लिए बाजारों के विस्तार में निर्यातकों को एपीडा के निरंतर समर्थन का आश्वासन मिला है.

छत्तीसगढ़ चावल निर्यातक संघ (टीआरईए-सीजी) के अध्यक्ष मुकेश जैन ने निर्यात की सुविधा के लिए एपीडा की ओर से दिए गए समर्थन की सराहना की. जैन ने कहा कि आने वाले दिनों में नए डेस्टिनेशन के लिए एफआरके के निर्यात की योजना तैयार की जा रही है.

छत्तीसगढ़िया चावल में पोषक तत्वों की भरमार: फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (एफआरके) चावल के आटे को आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन बी12 जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों के साथ मिलाकर बनाया जाता है. इन पोषक तत्वों को निचोड़कर चावल के दानों जैसा आकार दिया जाता है, और फिर इन्हें एक पूर्व-निर्धारित अनुपात में नियमित चावल के साथ मिलाकर इस मुख्य खाद्य पदार्थ का पोषण मूल्य बढ़ाया जाता है.

कृषि निर्यात के क्षेत्र में बड़ी उड़ान: फोर्टिफाइड राइस कर्नेल की इस पहली खेप का सफलतापूर्वक रवाना होना भारत के कृषि निर्यात क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है. यह भारत को वैश्विक बाजारों में पौष्टिक और उच्च गुणवत्ता वाले खाद्य उत्पादों के एक विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित करने में एपीडा, छत्तीसगढ़ सरकार और निजी क्षेत्र के सहयोगात्मक प्रयासों को भी दिखाता है.

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