हम रोजाना जो कुछ भी खाते हैं, उससे हमें कितना फायदा मिलेगा- इस बार पर निर्भर करता है कि खाना कितने अच्छे से पचा है. बदलती लाइफस्टाइल के कारण ज्यादातर लोग खराब पाचन से परेशान हैं. पाचन पाचन बेहतर न होने के कारण आप कई गंभीर बीमारियों के शिकार हो सकते हैं.
हॉलिस्टिक हेल्थ गुरू डॉ. मिकी मेहता कहते हैं कि खराब डाइजेशन के चलते पेट में दर्द, ब्लोटिंग, कब्ज, गैस, दस्त और कई अन्य पेट संबंधी समस्याएं होने लगती हैं. ऐसे में उन्हीं चीजों को डाइट में शामिल करें, जो डाइजेशन को ठीक रखें. आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि डाइट में कौन-कौन सी चीजों को शामिल करें.
प्रोबायोटिक फूड्स
प्रोबायोटिक फूड्स पाचन के लिए बेहद जरूरी हैं. यह हमारी आंतों में अच्छे बैक्टीरिया (गट फ्लोरा) को बढ़ाते हैं. हमारे शरीर में जितनी हमारी खुद की कोशिकाएं हैं, उससे कहीं अधिक बैक्टीरिया आंतों में रहते हैं. इसलिए दही, लस्सी, छाछ, घर का बना अचार और उत्तर भारत की खास कांची जैसे प्रोबायोटिक फूड्स खाने से पाचन तंत्र को और मजबूती मिलती है.
फाइबर से भरपूर फल और सब्जियां
फाइबर फल और सब्जियों में पाया जाता है. यह न केवल अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाने का काम करता है बल्कि शरीर में पानी के साथ मिलकर पाचन तंत्र को सुचारू रूप से चलाने में मदद भी करता है. ये कब्ज की समस्या से बचाता है. सेब, संतरे, केले, शकरकंद और भिंडी को जरूर डाइट में शामिल करें.
साबुत अनाज
साबुत अनाज जैसे राजगीरा, क्विनोवा और ओट्स न केवल फाइबर बल्कि कार्बोहाइड्रेट भी प्रदान करते हैं. ये पाचन तंत्र में भोजन को बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ाने में मदद करते हैं. इससे कब्ज जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है.
अदरक
अदरक केवल एक औषधीय जड़ ही नहीं बल्कि पाचन के लिए भी बेहद फायदेमंद है. यह सूजन को कम करता है और पाचन तंत्र को सक्रिय रखता है. अदरक खाने से पेट से छोटी आंत तक भोजन तेजी से पहुंचता है, जिससे कब्ज नहीं होता. हालांकि, इसे दिन में 4 ग्राम से अधिक न लें.
त्रिफला
त्रिफला, यह तीन फलों से बनता है: आंवला, हरड़ और बहेड़ा. त्रिफला पाचन तंत्र की सफाई में मदद करता है. यह एसिडिटी, भूख बढ़ाने, सूजन कम करने और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी उपयोगी है. साथ ही, यह विटामिन सी का भी अच्छा स्रोत है.
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