सरकार ने चांदी की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. अब तक केवल सोने के गहनों पर हॉलमार्किंग अनिवार्य थी, लेकिन अब यही व्यवस्था चांदी के लिए भी लाई जा रही है. 1 सितंबर 2025 से चांदी की हॉलमार्किंग की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. इसका मकसद ग्राहकों को शुद्धता की गारंटी देना है, ताकि उन्हें उनके पैसे का पूरा मूल्य मिल सके.
हालांकि शुरुआत में यह नियम स्वैच्छिक रहेगा, यानी उपभोक्ता चाहे तो हॉलमार्क वाली चांदी खरीद सकते हैं और चाहे तो बिना हॉलमार्क की भी. लेकिन भविष्य में इसके अनिवार्य होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. सोने की तरह ही ग्राहक अब चांदी में भी गुणवत्ता की मुहर चाहते हैं, जो खरीदारी को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाएगी.
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