Kaimur Murder Case: कैमूर में सगे भाई ने भाई-भाभी और मासूम बच्चों को उतारा मौत के घाट, शव के टुकड़े कर सूटकेस में फेंका

बिहार

कैमूर: बिहार के कैमूर जिले से एक ऐसा रूह कँपा देने वाला और सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है, जिसने पूरे सूबे को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ एक कलयुगी व्यक्ति ने कथित तौर पर अपने ही सगे बड़े भाई, भाभी और मासूम भतीजे-भतीजी की बेरहमी से हत्या कर दी। क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए आरोपियों ने हत्या के बाद चारों शवों के कटर से टुकड़े-टुकड़े किए और उन्हें अलग-अलग सूटकेस व बोरियों में भरकर सुनसान जगहों पर फेंक दिया। कैमूर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी भाई विकास गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

💼 नदी में तैरते सूटकेस से खुला खौफनाक राज: बंद मकान और लापता परिवार की तलाश में जुटी पुलिस को मिले मानव अंग

इस वीभत्स मामले का सनसनीखेज खुलासा तब हुआ जब बीती 10 मई को स्थानीय पुलिस को एक नदी के नीचे पड़े दो लावारिस सूटकेस से कटे हुए मानव शरीर के अंग बरामद हुए। शुरुआती फॉरेंसिक जांच में पुलिस को आशंका हुई कि ये कटे हुए अंग तीन या चार अलग-अलग लोगों के हो सकते हैं। इसके ठीक दो दिन बाद यानी 12 मई को रामगढ़ के अभेदे गांव के पास एक नहर के किनारे दो अन्य बोरियों में पैक किए गए शवों के टुकड़े मिले। गहन तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने मृतकों की पहचान दहरक गांव के निवासी कृष्ण मुरारी गुप्ता, उनकी पत्नी दुर्गेश कुमारी और उनके दो मासूम बच्चों के रूप में की। पुलिस जब उनके पुश्तैनी घर पहुंची तो वहां ताला लटका मिला और पूरा परिवार लापता था।

🕵️ एसपी हरिमोहन शुक्ला ने गठित की एसआईटी (SIT): सगे भाई विकास गुप्ता ने पूछताछ में कबूला अपना जघन्य गुनाह

मामले की भयावहता और गंभीरता को देखते हुए कैमूर के पुलिस अधीक्षक (SP) हरिमोहन शुक्ला ने मामले के त्वरित खुलासे के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स और स्थानीय संदेह के आधार पर पुलिस ने मृतक कृष्ण मुरारी गुप्ता के सगे छोटे भाई विकास गुप्ता को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की। पुलिसिया पूछताछ के आगे टूटते हुए विकास गुप्ता ने कथित तौर पर अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने सनसनीखेज खुलासा किया कि पारिवारिक संपत्ति और गंभीर आर्थिक विवादों के चलते उसने अपने एक और छोटे भाई राहुल उर्फ गौतम, महाराष्ट्र में रहने वाले अपने शातिर दोस्त दीपक कुमार राजपूत और अन्य भाड़े के साथियों के साथ मिलकर इस पूरे नरसंहार की खूनी साजिश रची थी।

📈 शेयर बाजार में निवेश के बहाने कमरे में घेरा: पहले भाई-भाभी को काटा, फिर स्कूल से लौटे बच्चों को भी उतारा मौत के घाट

पुलिस द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, 7 मई की सुबह मुख्य आरोपी विकास अपने बाहरी दोस्तों के साथ बड़े भाई के घर पहुंचा। उस वक्त घर के भीतर शेयर बाजार (Share Market) में निवेश और पैसों के लेन-देन को लेकर सामान्य बातचीत हो रही थी, तभी बड़े भाई कृष्ण मुरारी गुप्ता कमरे के अंदर आए। आरोपियों ने पहले से तय योजना के तहत उन्हें अकेला पाकर काबू में किया और चाकू व धारदार हथियारों से हमला कर उनकी हत्या कर दी। पति की चीख-पुकार और शोर सुनकर जब पत्नी दुर्गेश कुमारी कमरे की तरफ दौड़ीं, तो पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने उन्हें भी मौत के घाट उतार दिया। बाद में जब दोनों अबोध बच्चे स्कूल से घर लौटे, तो गवाह मिटाने के उद्देश्य से दरिंदों ने उनकी भी निर्मम हत्या कर दी।

🎵 चीखें दबाने के लिए घर में तेज आवाज में बजाया DJ: साक्ष्य मिटाने के लिए फर्श पर करा दी नई सीमेंटिंग, हथियार बरामद

इस हत्याकांड की सबसे खौफनाक बात यह रही कि हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने शवों को काटने के दौरान चीखें बाहर न जाएं, इसके लिए घर के कमरे में तेज आवाज में डीजे (DJ) बजा दिया। शवों के टुकड़े-टुकड़े कर सूटकेस और बोरियों में भरा गया और स्कूटी व स्कूटर की मदद से अलग-अलग नदी-नहरों में फेंक दिया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए पूरे कमरे के खून के धब्बों को केमिकल से धोया और दीवारों व फर्श पर नई सीमेंटिंग (सीमेंट लगवा दिया) करा दी। हालांकि, फोरेंसिक (FSL) टीम ने अत्याधुनिक लाइटों की मदद से खून के छिपे निशान और अहम वैज्ञानिक सबूत ढूंढ निकाले हैं। विकास की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल चाकू, स्कूटर, एक देसी पिस्तौल, तीन कारतूस और लोहे का कटर बरामद कर लिया गया है। नदी में फेंके गए दो सिरों की तलाश के लिए गोताखोरों को लगाया गया है।

👩‍ाइवर्ट करने के लिए महिलाओं को भेजा था मायके: महाराष्ट्र भागे सह-आरोपी दीपक की तलाश में पुलिस की छापेमारी जारी

पुलिस तफ्तीश में यह भी एक बड़ा रणनीतिक खुलासा हुआ कि इस वीभत्स वारदात को अंजाम देने से ठीक एक दिन पहले मुख्य आरोपी भाई ने सोची-समझी प्लानिंग के तहत अपने घर की महिलाओं और कुछ अन्य परिजनों को मायके भेज दिया था ताकि घर पूरी तरह खाली रहे। वहीं हत्याकांड को सफलतापूर्वक अंजाम देने के बाद सह-आरोपी दीपक कुमार राजपूत उसी दिन ट्रेन पकड़कर महाराष्ट्र फरार हो गया था। कैमूर एसपी ने बताया कि फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की चार विशेष टीमें अलग-अलग राज्यों में लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस इस जघन्य हत्याकांड को ‘फास्ट ट्रैक कोर्ट’ में ले जाकर त्वरित सुनवाई कराने और आरोपियों को फांसी की सजा दिलाने की तैयारी कर रही है।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry