केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने 10 घंटे में सात परियोजनाओं को देखा

मध्य प्रदेश

 ग्वालियर। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को ग्वालियर प्रवास के दौरान 10 घंटे में सात प्रगतिरत परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मुरार नदी पुनरुद्धार परियोजना के पहले चरण के पूरा होने की समय सीमा पूछी और कहा कि इस नदी का पुराना स्वरूप वापस लौटाया जाए। इसके प्रस्तावित दूसरे चरण का प्लान भी जल्द तैयार करें।

वहीं स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन द्वारा महाराज बाड़ा पर गोरखी में तैयार कराए जा रही मल्टी लेवल कार पार्किंग के काम से सिंधिया असंतुष्ट नजर आए। उन्होंने निगमायुक्त हर्ष सिंह और सीईओ नीतू माथुर को निर्देश दिए कि एलएंडटी कंपनी के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की जाए।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वे अपने स्तर पर एलएंडटी कंपनी के उच्च अधिकारियों से भी चर्चा करेंगे।

केंद्रीय मंत्री सबसे पहले लक्ष्मणगढ़ भिंड रोड स्थित प्रवेश द्वार को देखने के लिए पहुंचे। स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन द्वारा ग्वालियर दुर्ग की थीम पर इसका निर्माण कराया जा रहा है। यहां उन्होंने नक्शे के आधार पर पूरा प्लान समझा और इस काम की प्रशंसा की। उन्होंने वहां काम करने वाले मजदूरों से भी चर्चा की। इसके बाद वे मुरार नदी पुनरुद्धार प्रोजेक्ट का मुआयना करने के लिए रमौआ बांध पहुंचे।

यहां उन्होंने अधिकारियों से चर्चा करते हुए कहा कि इस प्रोजेक्ट के दूसरे चरण के लिए यदि कोई आवश्यकता होगी, तो नमामि गंगे मिशन के अधिकारियों से भी बातचीत की जाएगी। इसके बाद उन्होंने हुरावली में श्रमदान करने के साथ ही पौधरोपण भी किया। इसके बाद केंद्रीय मंत्री जलालपुर स्थित इंटर स्टेट बस टर्मिनल (आइएसबीटी) पहुंचे। यहां उन्होंने काम की तारीफ की, लेकिन स्टील के खंबे पर स्टीकरनुमा पेंटिंग को देखकर उन्होंने इसे बदलने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह पेंटिंग कुछ ही दिनों में खंबे से हट जाएगी।

ऐसे में प्रयास किए जाएं कि पेंटिंग स्थायी रूप से लग सके। इस दौरान उन्होंने निर्माण कंपनी द्वारा स्टील के पिलर की जगह पत्थर का गेट बनाने के मामले को लेकर बदलाव करने को कहा, लेकिन अधिकारियों ने तकनीकी रूप से ऐसा संभव न होने के बारे में बताया। एलिवेटेड रोड कार्य को देखकर उन्होंने जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

स्टेशन पर पुराना चित्र देख बोले इसे संरक्षित कराएं

  • केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने ग्वालियर रेलवे स्टेशन पुनर्विकास परियोजना का भी निरीक्षण किया। वे रेलवे के अधिकारियों के साथ निरीक्षण के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पूछा कि स्टेशन का निर्माण कब तक पूरा होगा। अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए अक्टूबर 2025 तक की समय सीमा तय की गई है।
  • प्लेटफार्म क्रमांक एक की तरफ वीआइपी पोर्च में लगे एक पुराने चित्र पर उनकी नजर पड़ी, तो उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसे उतरवाकर सुरक्षित जगह रखा जाए और इसे संरक्षित भी किया जाए,क्योंकि यह बहुत पुराना चित्र है।
  • दोबारा नहीं मिलेगा। उन्होंने पोर्च में लगी सीलिंग को भी हटाने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में स्टेशन पर चार प्लेटफार्म है और इनकी संख्या बढ़ाकर छह की जानी है। ऐसे में लगभग 900 मीटर लंबाई में दो प्लेटफार्म भी तैयार किए जाएंगे। उन्हें भी कानकोर्स से कवर किया जाएगा।

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