केंद्र सरकार जल्द ही वक्फ एक्ट में संशोधन करने के लिए संसद बिल पेश कर सकती है. जैसे ही सरकार के नए बिल की खबरों का बाहर आना शुरू हुआ, वैसे ही विपक्ष के नेताओं और मुस्लिम धर्म गुरुओं ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया है. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी सांसद अखिलेश यादव ने भी इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है.
अखिलेश ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘भाजपा के पास हिंदू-मुस्लिम या मुस्लिम भाइयों के अधिकारों को छीनने के अलावा कोई काम नहीं है. उन्हें (मुसलमानों) जो अधिकार मिले हैं, स्वतंत्रता का अधिकार या अपने धर्म को मानने का अधिकार, अपनी कार्यप्रणाली को बनाए रखने का अधिकार. इन सब अधिकारों को सरकार खत्म करना चाहती है.’ साथ ही इस दौरान हाल ही में यूपी विधानसभा में लाए गए नजूल संपत्ति विधेयक पर भी अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा.
वक्फ एक्ट संशोधन का सदन में करेंगे विरोध: अखिलेश
अखिलेश यादव ने साफ किया कि अगर केंद्र सरकार संसद में वक्फ बोर्ड संशोधन बिल पेश करती है, तो समाजवादी पार्टी इसका विरोध करेगी. कई मीडिया रिपोर्ट ने दावा किया है कि 5 अगस्त को सरकार संसद में वक्फ बोर्ड में बदलाव करने के लिए बिल ला सकती है. सरकार इस संशोधन में करीब 40 बदलाव कर वक्फ बोर्ड की ताकत को सीमित कर सकती है.
नजूल सीएम योगी को उर्दू शब्द लगा: सपा प्रमुख
अखिलेश यादव ने हाल ही में यूपी विधानसभा में पास हुए नजूल एक्ट पर चुटकी लेते हुए कहा कि उन्हें (सीएम योगी आदित्यनाथ) पता चला कि नजूल उर्दू का शब्द है, अधिकारी उन्हें समझाते रहे कि नजूल का मतलब कुछ और होता है. लेकिन उन्होंने सोचा कि नजूल का मतलब मुसलमानों की जमीन है.
नजूल संपत्ति ऐसी संपत्ति होती है, जिनका स्वामित्व सरकार के पास होता है. दरअसल आजादी के बाद अंग्रेजों ने भारत में कई ऐसी राजघरानों की जमीन खाली की, जिनके स्वमित्व साबित करने के लिए राजाओं के पास जरूरी दस्तावेज नहीं थे. इस संपत्ति का अधिकार सरकार के पास है. बीजेपी की सहयोगी पार्टी अपना दल ने भी इस विधेयक को जल्दबाजी में लाया गया विधेयक बताया है.
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