अमृतसर: पंजाब रोडवेज, पनबस और पी.आर.टी.सी. में काम करने वाले करीब तीन हजार ड्राइवरों और कंडक्टरों के लिए राहत भरी खबर आई है। पंजाब सरकार अनुबंध पर काम करने वाले ड्राइवरों और कंडक्टरों को नियमित करने की तैयारी कर रही है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इस संबंध में केस तैयार करके जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजें।
अमृतसर में भी हो रहा है लंबे समय से संघर्ष
इस संबंध में पिछले लंबे समय से पंजाब रोडवेज कांटेक्ट वर्कर यूनियन जैसी कई यूनियन इस संबंध में सरकार को हर बार इस मांग से अवगत करवाती रहती है लेकिन देर आए दुरुस्त आए। पंजाब रोडवेज कांटेक्ट वर्कर यूनियन के प्रधान जोध सिंह ने पंजाब केसरी की टीम को जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने इस पूरे मामले में एक महीने का टाइम लिया है अगर इस पूरे प्रक्रिया को सरकार अगर लागू कर देती है तो यह है सच में दीवाली का तोहफा ही माना जाएगा।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने मंगलवार को पंजाब रोडवेज, पनबस और पी.आर.टी.सी. कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन और पंजाब रोडवेज (पनबस) स्टेट ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की। मंत्री ने नए ड्राइवरों, कंडक्टरों की 5 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि देने संबंधी मांग पर भी विचार-विमर्श किया।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार ड्राइवरों और कंडक्टरों को दिए जाने वाले रात्रि भत्तों में भी वृद्धि की गई है। यूनियनों के प्रतिनिधियों ने बताया कि सूबे में रात के ठहराव के लिए अब 50 की जगह 85 रुपये दिए जाएंगे और दूसरे सूबों में चलने वाले ड्राइवरों और कंडक्टरों को रात के ठहराव के लिए भत्ता बढ़ाकर 60 से 120 रुपये कर दिया गया है।
कर्मियों ने जताया था विरोध
बता दें कि एक सप्ताह पहले पंजाब में पनबस कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सभी बस अड्डों को दो घंटे के लिए बंद कर दिया था। बस अड्डों पर सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक बस कोई भी बसें नहीं चलीं। पनबस कर्मचारियों बस अड्डों को बंद रखा और पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी।
क्या कहती है यूनियन
इस बाबत जब पंजाब रोडवेज कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन के प्रधान जोत सिंह से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि वह इस सरकार के इस प्रपोजल का अपने साथियों के साथ स्वागत करते हैं उन्होंने कहा कि उन्हें पता चला है कि सरकार एक महीने के अंदर-अंदर इस प्रपोजल को अमल में लेगी अगर इस प्रपोजल को सरकार अमल में लाती है तो यह सच में दिवाली का तोहफा ही माना जाएगा।
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