सत्ता सम्मेलन एमपीः जिसका इतिहास कलंकित, वो ऐसी बात ना करें… कांग्रेस के वोट चोरी के आरोप पर प्रह्लाद पटेल का हमला

मध्य प्रदेश

सत्ता सम्मेलन मंच पर मध्य प्रदेश के श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने शनिवार को कांग्रेस को वोट चोरी के आरोप पर जमकर हमला बोला. प्रह्लाद सिंह पटेल ने कहा कि वोट चोरी की बात कांग्रेस कह रही है, हमने कांग्रेस को वोटों की चोरी करते देखा है. कांग्रेस को अपना इतिहास पलट कर देखना चाहिए. जब जवाहर लाल नेहरू प्रधानमंत्री बने थे. उस समय सरदार वल्लभ भाई पटेल को कितने वोट मिले थे? यह सवाल कांग्रेस से पूछना चाहिए.

उन्होंने कहा कि आपातकाल में बुंदेलखंड में कोई बूथ पर नहीं बैठ सकता था. मैं नेता बना हूं. उमा भारती यदि नेता हैं, तो इसी अन्याय के खिलाफ लड़ाई के बाद नेता हैं. उस समय केवल ब्राह्मण ही पोलिंग बूथ पर बैठ सकता था. दूसरे जाति के लोग एजेंट नहीं बन सकते थे, क्योंकि कोई ब्राह्मण के साथ मारपीट नहीं करता था.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह बात कहती है तो दूसरा मजाक नहीं हो सकता है. यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस कहती है कि चुनाव आयोग के बदले आप जवाब देते हैं, उन्होंने इसका जवाब देते हुए कहा कि चुनाव आयोग जवाब दे तो बीजेपी का हो जाता है और बीजेपी की बात करती है तो कहा जाता है कि चुनाव आयोग के बदले बोल रही है. कांग्रेस को कभी भ्रष्टाचार और लूट पर नहीं बात करनी चाहिए . कांग्रेस को तानाशाही पर बात नहीं करनी चाहिए. उनका इतिहास कलंकित इतिहास है. वह इस पर बात नहीं करें.

कांग्रेस वोट चोरी और भ्रष्टाचार की बात नहीं करे

उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि क्या लालू प्रसाद यादव इस पर बात कर सकते हैं? जो लोग वोट चोरी की बात कर रहे हैं. उनका इतिहास देश जानता है. लालू सिद्धांत का बात करेंगे, तो कौन विश्वास करेगा. यदि गलत हुआ है तो कोर्ट है. सदन में बात नहीं करना चाहते हैं, तो करना क्या चाहते हैं?

पहले केंद्र की राजनीति और अब राज्य की राजनीति करने में अंतर के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा किअटल बिहारी वाजपेयी कहते थे कि काम छोटा और बड़ा नहीं होता है. केंद्र में था तो कभी राज्य की राजनीति में दखल नहीं देता था और जब अब राज्य की राजनीति में हूं तो केंद्र की राजनीति की बात नहीं करता हूं.

केंद्र और राज्य की राजनीति में अंतर पर उन्होंने कहा किएक फर्क यह है कि केंद्र मेंसिर्फ आंकड़ों को देखते हैं और अपनी अवधारणा बनाते हैं और यहां क्रियान्वयन बहुत नजदीक से देखते हैं. इससे ज्यादा फर्क नहीं देखता है.

सत्य प्रताड़ित हो सकता है, परास्त नहीं

केंद्र का अनुभव का लाभ कितना सरकार उठा रही है, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि मेरे पास ग्रामीण विकास, पंचायत और श्रम विभाग है. तीनों का अतीत का वास्ता रहा है. केंद्र में रहा है, तब इन क्षेत्रों के स्टैंडिंग कमेटी में रहा था.

अब शांत रहने पर पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मेरे बारे में प्रसेप्शन बनाया गया था. वैसा व्यक्ति होता नहीं है. बहुत सारे लोगों ने कितने राय बनाई है. झूठे वे साबित हुए हैं. सत्य प्रताड़ित हो सकता है. परास्त नहीं हो सकता है. सत्य प्रस्तुति के लिए है. किसी के दरवाजे पर जाकर याचना करने के लिए नहीं है. तब भी ऐसे शांत था और अब भी शांत हूं. 1989 से 2025 आ गया. कलंक से बचा हूं, वह इसी ताकत का परिणाम है.

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