देश की छवि होगी खराब, वक्फ बोर्ड को लेकर फैलाया प्रोपेगेंडा… एक्ट में संशोधन के प्रस्ताव पर भड़के सपा सांसद

देश

केंद्र सरकार कल यानी सोमवार को संसद में वक्फ बोर्ड संशोधन बिल पेश कर सकती है. इसको लेकर अभी से ही सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है. रामपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी ने बिल पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि सरकार वक्फ बोर्ड की संपत्ति पर और उसके अधिकारों पर अंकुश लगाने के लिए ये विधेयक ला रही है.

वक्फ बोर्ड संशोधन का तरीका गलत है. इससे दुनिया में देश की छवि खराब होगी. सपा सांसद ने वक्फ बोर्ड एक्ट में संशोधन के प्रस्ताव की तुलना कृषि कानूनों से की. नदवी ने कहा कि सरकार कृषि कानूनों की तरह इस विधेयक को भी लाना चाहती है. कृषि के लिए काले कानून भी ऐसे ही रातों रात लाए गए थे. वक्फ बोर्ड किसी भी संपत्ति को अपना घोषित कर देती है. ऐसा नहीं है. इसकी एक प्रकिया होती है.

गंगा जमुनी तहजीब को नुकसान पहुंचाने वाला बिल

सपा सांसद ने कहा कि ये गलत बात है और वक्फ बोर्ड लेकर एक प्रोपेगंडा फैलाया जा रहा है. इससे दुनिया में सरकार के कमजोर होने का संदेश जाएगा. सरकार को शहरियों के हकों की हिफाजत करनी चाहिए. अगर सरकार की नियत ठीक थी तो ऑल पार्टी मीटिंग और स्कॉलर्स को बुलाकर बात करनी चाहिए. ये देश की गंगा जमुनी तहजीब को नुकसान पहुंचाने वाला है. जब बिल संसद में आएगा तो सपा मुखिया उसे देखेंगे और उसके हिसाब से स्टैंड लेंगे. फिलहाल बिल लाने का तरीका गलत है और इससे देश की छवि खराब होगी.

कोई नया संशोधन की जरूरत नहीं- AIMPLB

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के कार्यकारी सदस्य मौलाना खालिद रशीद ने भी इस बिल को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि कोई नया संशोधन की जरूरत नहीं है. मौजूदा कानून वक्फ मैनेजमेंट के लिए पर्याप्त हैं और उत्तर प्रदेश के वक्फ बोर्ड में पहले से ही दो महिला सदस्यों का प्रतिनिधित्व है. कोई भी बदलाव करने से पहले हितधारकों की राय पर विचार किया जाना चाहिए.

विश्व हिन्दू परिषद ने किया प्रस्ताव का स्वागत

वक्फ बोर्ड की शक्तियों पर अंकुश लगाने के लिए एक्ट में संशोधन के प्रस्ताव विश्व हिन्दू परिषद ने स्वागत किया है. विश्व हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि 2013 में UPA सरकार ने बेइमानी किसी भी संपत्ति को अपना घोषित करने की शक्तियां वक्फ बोर्ड को दी थी. इसमें संशोधन की बहुत जरूरत थी. संशोधन 10 साल पहले ही होना चाहिए था. इस संशोधन से वक्फ बोर्ड की मनमानी से लगाम लगेगी.

बीजेपी शुरू से वक्फ के खिलाफ रही है- ओवैसी

वहीं, वक्फ बोर्ड संशोधन बिल पर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि मीडिया में जो खबर आ रही है उसके हवाले से कहना चाहता हूं कि पीएम मोदी हुकुमत अधिकार छीनना चाहती है. बीजेपी शुरू से वक्फ के खिलाफ रही है. इनका एजेंडा है कि इसे खत्म कर दिया जाए.

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