मध्य प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में भू-खण्डधारियों को मालिकाना हक दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। कैबिनेट ने ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन और पंजीयन योजना-2026’ को स्वीकृति दी है। इसके तहत नागरिकों को अपने भू-खण्डों के पंजीयन के लिए कोई स्टाम्प ड्यूटी या शुल्क नहीं देना होगा। इस पर होने वाला 3800 करोड़ रुपये का पूरा व्यय राज्य सरकार उठाएगी। प्रदेश में अब तक 68.11 लाख अधिकार अभिलेख तैयार किए जा चुके हैं।
🏥 स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार: मेडिकल कॉलेजों के लिए 17,059 करोड़ की सौगात
कैबिनेट ने स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए लगभग 17 हजार 59 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इसके तहत उज्जैन, सिवनी, छतरपुर, दमोह और बुदनी में नए मेडिकल कॉलेज भवन बनाए जाएंगे। साथ ही, मौजूदा मेडिकल कॉलेजों में पीजी पाठ्यक्रम सीटों में वृद्धि और आधुनिक मशीनों की स्थापना के लिए भी भारी बजट आवंटित किया गया है, जिससे ग्रामीण अंचलों तक बेहतर चिकित्सीय सुविधाएं पहुंच सकेंगी।
🎒 छात्रों को मिलेगी सिली-सिलाई यूनिफॉर्म
शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए कैबिनेट ने एक अहम निर्णय लिया है। सत्र 2026-27 से कक्षा 1 से 8वीं तक के विद्यार्थियों को निविदा प्रक्रिया के माध्यम से सिली-सिलाई यूनिफॉर्म प्रदान की जाएगी। मध्य प्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम को इसके लिए अधिकृत किया गया है, ताकि शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ में ही छात्रों को गुणवत्तापूर्ण गणवेश मिल सके।
⚖️ अन्य प्रमुख प्रशासनिक फैसले
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न्यायिक जांच आयोग: बरगी बांध क्रूज दुर्घटना की न्यायिक जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय आयोग के गठन का अनुसमर्थन किया गया।
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फिल्मों को टैक्स छूट: फिल्म ‘तन्वी द ग्रेट’ और ‘शतकः संघ के 100 वर्ष’ को राज्य में एसजीएसटी (SGST) से छूट दी गई है।
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कानूनी संशोधन: ‘मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993’ और ‘मध्यप्रदेश उपकर अधिनियम 1981’ में संशोधन के लिए अध्यादेश को मंजूरी दी गई।
संपादकीय टिप्पणी: स्वामित्व योजना और स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे में निवेश प्रदेश के विकास के लिए मील का पत्थर साबित हो सकते हैं। क्या आपको लगता है कि ग्रामीण स्तर पर संपत्तियों का पंजीयन बढ़ने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और क्रेडिट उपलब्धता में सुधार आएगा? अपने विचार नीचे साझा करें।
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