चेकिंग प्वाइंट लगाकर मिलावट रोकने खाद्य सुरक्षा प्रशासन को आई याद

मध्य प्रदेश

 ग्वालियर। हाई कोर्ट द्वारा गठित टीम की नाराजगी के बाद खाद्य सुरक्षा प्रशासन को जिले की सीमाओं पर चेकिंग प्वाइंट बनाने की याद शनिवार को आई। सीएमएचओ व अभिहित अधिकारी डा.आरके राजौरिया ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की बैठक लेकर मिलावट रोकने के लिए सूचना तंत्र मजबूत करने के साथ चेकिंग प्वाइंट बनाने के निर्देश दिए।

अभिहित अधिकारी डा.राजौरिया ने दूध एवं दूध से बने उत्पाद में मिलावट को रोकने पर फोकस करने को कहा। बैठक में कहा गया कि जिले में बाहर से आने वाले दूध एवं दूध उत्पादों पर नजर रखी जाए। इसके साथ ही दूध एवं दूध से बने उत्पादों में मिलावट की रोकथाम के लिये आम जनता को शिकायत करने के लिए मोबाइल नंबर 7999577244 जारी किया गया। खाद्य विभाग के अधिकारियों को खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही जन जागरूकता अभियान के माध्यम से भी लोगों को जागरूक करने की बात कही गई।

रक्षाबंधन और आने वाले त्योहारों के दृष्टिगत खाद्य पदार्थों के निर्माण स्थल व विक्रय स्थल पर खाद्य विभाग दल द्वारा निगरानी व निरीक्षण कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। यह बैठक हाईकोर्ट द्वारा गठित समिति के सदस्यों की नाराजगी के बाद हुई और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया।

खरीफ फसलों का कृषि वैज्ञानिकों ने किया निरीक्षण

खरीफ फसलों पर मंडरा रहे कीटों के प्रकोप को देखते हुए कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर खरीफ फसलों में कीट व्याधि के निरीक्षण के लिए कृषि विभाग और कृषि वैज्ञानिकों का दल ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचा। इस दौरान दल ने फसलों का निरीक्षण कर कीट प्रकोप की स्थिति जानी। मक्का ज्वार को शामिल करते हुए मूंगफली में जड़ दलहन के रासायनिक नियंत्रण के लिए व्लूकापर दो से 2.5 प्रति लीटर पानी में पौधों में छिड़काव करें। दल में उप संचालक कृषि आरएस शाक्यवार, वरिष्ठ कृषि अधिकारी घाटीगांव दिलीप कटियार, कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डा. योगेन्द्र जैन एवं कृषि विज्ञान केन्द्र ग्वालियर के वैज्ञानिक डा. शरदचंद श्रीवास्तव शामिल थे।

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