इंदौर में नकली नोट बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, अब तक खपा चुके 22 लाख के 500-500 के नोट

मध्य प्रदेश

 पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली नोट बनाने और बाजार में चलाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफ़ाश किया है। पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही लाखों रूपए के नकली नोट के साथ नोट छापने के 3 लेजर प्रिंटर, 500 व 200 रुपए के नकली नोट छापे ए 4 साइज के 85 जीएसएम कागज, दो लेमिनेशन मशीन, नोट पर आरबीआई की पट्टी चिपकाने वाली चमकीली पन्नी, एक लैपटॉप और सफेद वाटरमार्क इंक जप्त की है।

दरअसल इंदौर की लसूड़िया थाना पुलिस ने कुछ दिन पहले मुखबिर की सूचना पर देवास नाके से आरोपी शुभम उर्फ पुष्पांशु रजक को पकड़ कर आरोपी से पांच सौ रुपये के कुल 46 नकली नोट जब्त किए गए। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने नकली नोट नसरुल्लागंज निवासी महिपाल उर्फ मोहित बेड़ा से खरीदे हैं। जिसके आधार पर आरोपी महिपाल उर्फ मोहित बेड़ा को नसरुल्लागंज जिला सीहोर से पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपी महिपाल से पूछताछ में जानकारी मिली कि नकली नोट नागपुर निवासी मनप्रीत द्वारा भेजे गए हैं। महिपाल ने आरोपी से अभी तक 20 लाख के नकली नोट मनप्रीत से खरीदे हैं जिन्हें आरोपी अनुराग चौहान निवासी नसरुल्लागंज तथा मोहसिन खान निवासी खजराना इंदौर को बेचे हैं। जिसके आधार पर आरोपी मोहसिन निवासी खजराना इंदौर एवं आरोपी अनुराग चौहान सीहोर को गिरफ्तार किया गया व आरोपियों से नकली नोट बरामद किए गए हैं।

गिरोह के मुख्य सरगना मनप्रीत सिंह निवासी नागपुर महाराष्ट्र को उसके घर से गिरफ्तार किया गया व आरोपी ने पूछताछ में बताया कि आरोपी अपने साथी मलकीत सिंह के साथ किराए के फ्लैट पर नकली नोट बनाता है। आरोपी मलकीत सिंह की निशादेही पर नकली नोट बनाने के उपकरण जिसमें 3 लेजर कलर प्रिंटर, 2 लैमिनेशन मशीन, ए फोर साइज के 85 जी एस एम कागज जिन पर 500 व 200 रुपए के नोट छपे हुए हैं तथा नोट बनाने में प्रयुक्त होने वाली वॉटरमार्क व्हाइट इंक आदि सामग्री जब्त की गई।

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