रायपुर। छत्तीसगढ़ ने आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के सफल क्रियान्वयन में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए देश भर में उपचार प्रदान करने के मामलों में चौथा स्थान प्राप्त किया है। यह सफलता राज्य सरकार की समावेशी और सुलभ स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए।
राज्य सरकार ने एबी-पीएमजेएवाई को छत्तीसगढ़ की अपनी दो विशेष योजनाओं — शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना — के साथ प्रभावी रूप से समन्वित किया है। इस एकीकृत व्यवस्था से अधिकतम लाभार्थियों को नगद रहित इलाज की सुविधा मिल रही है।
अब तक 78 लाख से अधिक लाभार्थी सार्वजनिक और निजी अस्पतालों में निःशुल्क इलाज का लाभ उठा चुके हैं। सार्वजनिक अस्पतालों में उपचार की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो सरकार के स्वास्थ्य ढांचे में जनता के बढ़ते विश्वास का संकेत है।
वरिष्ठ नागरिकों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए वय वंदन योजना को भी राज्य में मजबूत किया गया है। इसके तहत अब तक 4.5 लाख से अधिक वय वंदन कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिससे राज्य के 48% राशन कार्डधारी वृद्धजन लाभान्वित हुए हैं।
पंजीयन को प्रोत्साहित करने के लिए आशा कार्यकर्ता, ग्राम सभाएं, शहरी स्वास्थ्य मंच, वृद्धाश्रमों और आवासीय कॉलोनियों में लक्षित पहुंच सुनिश्चित की गई है। साथ ही, 104 कॉल सेंटर के माध्यम से निरंतर संपर्क और सेवा सुविधा दी जा रही है। विशेष प्रयास के तहत 6 जिलों को ‘वय मित्र जिला’ के रूप में चिह्नित कर राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बना रही है।
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