उत्तर प्रदेश में रामनगरी अयोध्या से एक बड़ी खबर है. यहां बिजली निगम की नीतियों का विरोध कर रहे मजदूर यूनियन के नेता को निगम अधिकारियों ने साढ़े पांच करोड़ का नोटिस थमा दिया है. आरोप है कि मजदूर नेता के धरने की वजह से विभाग को भारी नुकसान हुआ है और इस नुकसान की भरपायी उन्हें खुद करनी होगी. इसी के साथ विद्युत निगम के एक्सईएन ने मजदूर नेता को तय की गई राशि को जमा कराने के लिए 25 जून तक की समय सीमा भी तय कर दी है.
एक्सईएन की ओर से जारी यह नोटिस इस समय सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रही है. जानकारी के मुताबिक अयोध्या में बिजली निगम संविदाकर्मियों को बिना नोटिस के ही बाहर निकाल रही थी. इसके विरोध में विद्युत मजदूर पंचायत के जिलाध्यक्ष जय गोविंद सिंह मुख्य अभियंता (वितरण) अशोक कुमार चौरसिया के ऑफिस के बाहर धरने पर बैठ गए थे. उनका यह धरना 22 अप्रैल से शुरू होकर 10 मई तक चला था. इसके बाद एक्सईएन ने जय गोविंद सिंह को एक रिकवरी नोटिस थमा दिया है. इस नोटिस में उन्होंने कहा है कि धरना प्रदर्शन की वजह से विद्युत विभाग को राजस्व हानि हुई है.
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