जहरीली सब्जी और अनाज से मिलेगा छुटकारा, नेचुरल सब्जियों के लिए फटाफट पहुंचे यहां

मध्य प्रदेश

छिंदवाड़ा: जैविक कृषि को बढ़ावा देने और लोगों को रसायन मुक्त अनाज, सब्जियां मिल सके, इसके लिए जिला प्रशासन ने अनोखी पहल की. हर सोमवार को सब्जी मंडी में जैविक हाट बाजार लगाने का निर्णय लिया है. इसमें सिर्फ जैविक उत्पादन को ही बेचा और खरीदा जाएगा.

हर सोमवार लगेगा जैविक हाट बाजार

अधिकतर शहरों और गांव में सप्ताह में एक बार बाजार लगता है. जिसमें जरूरत का हर सामान मिलता है, लेकिन छिंदवाड़ा के सब्जी मंडी में हर सोमवार को एक ऐसा हाट बाजार लगने जा रहा है. जिसमें सिर्फ जैविक और प्राकृतिक उत्पाद ही मिलेंगे. जिससे कि लोगों का स्वास्थ्य ठीक रहेगा. जिले में प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने व लोगों को रसायनमुक्त अनाज, सब्जियां, फल, तेल और वन उपज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से साप्ताहिक जैविक हाट बाजार प्रारंभ करने की तैयारी शुरू हो गई है. हर सोमवार को गुरैया रोड के सब्जी मंडी परिसर में जैविक हाट बाजार आयोजित किया जाएगा.

कलेक्टर ने किसानों से ली सलाह, दिए सुझाव

जैविक हाट बाजार लगाने के लिए प्राकृतिक और जैविक खेती करने वाले किसानों के साथ कलेक्टर बैठक ली. किसानों ने अपने-अपने सुझाव दिए. हाट बाजार में उपलब्ध कराए जाने वाले उत्पादों की जानकारी दी. इनमें नवरत्न आटा, ज्वार, बाजरा, रागी जैसे विभिन्न जैविक आटे, सरसों, मूंगफली, जगनी जैसे कच्ची घानी के प्राकृतिक तेल, जैविक हल्दी, कोदो, कुटकी, सावा जैसे श्रीअन्न व इनके उत्पाद, प्राकृतिक घी, जैविक गुड़, जैविक तुअर दाल, गेहूं, चावल, मक्का, विभिन्न प्रकार की जैविक,प्राकृतिक सब्जियां और फल शामिल रहेंगे.

रासायनिक सब्जियां सबसे ज्यादा खतरनाक

उप संचालक कृषि जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया “किसान ज्यादा उपज पाने के लिए खेतों में कई तरह के कीटनाशक और रासायनिक खादों का उपयोग करते हैं. जिसकी वजह से लोगों को कई तरह की बीमारियां हो रही हैं. अधिकतर सब्जी और अनाजों में लगने वाली कीटाणु और इल्लियां की रोग प्रतिरोधक क्षमता इतनी अधिक हो गई है कि वह आसानी से खत्म नहीं होती है. इसलिए हैवी डोज वाला कीटनाशक उपयोग किया जाता है, जो 1 महीने तक फसल में असर करता है. जबकि किसान और सब्जी उत्पादक दवा के छिड़काव के दो या तीन दिन बाद ही बाजार में सब्जी बेचने के लिए लेकर पहुंचते हैं. ऐसे में उस सब्जी में जहर की मात्रा काफी होती है. जिसे हम लोग खा लेते हैं और फिर इससे बीमारियां होती है.”

प्राकृतिक खेती के लिए किसानों को दी जा रही ट्रेनिंग

प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है. जिसके चलते छिंदवाड़ा में भी पुरुष और महिला किसानों को खेतों में छिड़काव करने के लिए प्राकृतिक कीटनाशक बनाने की ट्रेनिंग दी गई है. इससे कई किसान अपने खेतों में प्राकृतिक और जैविक फसल उगा रहे हैं, लेकिन उन्हें बाजार उपलब्ध नहीं हो पाता था. जिसकी वजह से किसानों को बेचने में दिक्कत आती थी. इसलिए हर सोमवार को हाट बाजार लगाया जाएगा, ताकि किसानों की प्राकृतिक और जैविक सब्जियां और फसल बिक सके.

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry