Shani Dev Aur Yamraj: शनि देव को धर्म शास्त्रों में कर्मफल दाता और न्याय का देवता कहा गया गया है. शनि देव लोगों को उनके कर्मों के अनुसार, फल और दंड प्रदान करते हैं. शनिवार का दिन शनि देव का होता है. इस दिन विधि-विधान से शनि की पूजा और व्रत किया जाता है. मान्यता है कि इस दिन पूजा और व्रत करने शनि देव बहुत प्रसन्न होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं.
वहीं यमराज मृत्यु के देवता माने जाते हैं. शनि देव और यमराज हमेशा काले रंग के वस्त्र धारण करते हैं. ऐसे में लोगों के मन में ये सवाल अक्सर आता है कि शनि और यम हमेशा काले रंग के कपड़े ही क्यों धारण करते हैं? इस रंग का महत्व क्या है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार…
शनि देव और यमराज दोनों ही भगवान सूर्य के पुत्र है. ज्योतिष शास्त्र और प्राचीन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ईश्वर ने इन दोनों देवताओं को ‘परम न्यायाधीश’ की जिम्मेदारी सौंपी है. शनि देव जहां इंसान के जीते जी उसके अच्छे-बुरे कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं, वहीं यमराज मृत्यु के बाद उसके कर्मों का फल देते हैं.
न्याय करने के लिए निष्पक्ष और कठोर होने की आवश्यकता होती है. काला रंग इसी कठोरता और बेदाग निष्पक्षता का प्रतीक माना गया है. काले रंग पर कोई और रंग नहीं चढ़ सकता. इसी तरह से न्याय करते समय कोई पक्षपात या बदलाव नहीं किया जाता. जज और सारे वकील इसी को प्रतीक मानते हुए न्याय की लड़ाई लड़ते हैं और फैसला सुनाते हैं.
काले रंग का महत्व
अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि कमजोर या अशुभ स्थिति में है, तो ज्योतिषविद उसे काले और नीले रंंग के कपड़े न पहनने की सलाह देते हैं. वहीं दूसरी तरफ, जिनकी कुंडली में शनि मजबूत और शुभ होता है, वो लोग अक्सर सफल वकील या जज के पद पर पहुंचते हैं और इसलिए उनके जीवन में काले रंग का बहुत महत्व होता है.
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