यमुनानगर: न्याय की उम्मीद में दो बहनें अपने बुजुर्ग पिता महबूब को खाट पर लिटाकर महाराजा अग्रसेन कॉलेज पहुंचीं, जहाँ उन्हें ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री अनिल विज को अपनी शिकायत सौंपनी थी। दुर्भाग्यवश, स्वास्थ्य कारणों से मंत्री के न पहुंच पाने के कारण उन्हें पुलिस अधिकारियों को ही अपनी व्यथा सुनाकर लौटना पड़ा।
⚔️ क्या है मामला? (25 अप्रैल की घटना)
पीड़ित महबूब की बेटियों ने बताया कि 25 अप्रैल को सात लोगों ने उनके पिता पर गंडासियों, तलवारों और लोहे की रॉड से जानलेवा हमला किया था। इस हमले में उनके पिता की दोनों टांगें टूट गईं, जिनमें रॉड डालनी पड़ी। अब वे पूरी तरह असहाय हैं और चल-फिर भी नहीं सकते। यह पूरा विवाद बच्चों के बीच हुए मामूली झगड़े से शुरू हुआ था, जिसने एक वीभत्स रूप ले लिया।
👮 पुलिस की सुस्ती पर खड़े हुए सवाल
पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना को तीन महीने बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक केवल दो आरोपियों को ही गिरफ्तार कर सकी है। चार आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं और खुलेआम घूमकर पीड़ित परिवार को धमकियां दे रहे हैं। परिवार का कहना है कि वे लगातार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन न्याय अब भी उनकी पहुंच से दूर है।
⚖️ न्याय की आस में भटक रहा परिवार
मंत्री से न मिल पाने के बाद पुलिस को शिकायत सौंपते हुए महबूब ने कहा कि उनका परिवार भारी दहशत के साये में जी रहा है। फरार आरोपियों के खौफ के कारण घर से निकलना भी दूभर हो गया है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच करने और शेष सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की पुरजोर मांग की है।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad