Election Commission: दिल्ली, पंजाब और उत्तराखंड समेत 23 राज्यों में कब लागू होगा SIR? चुनाव आयोग ने तारीखों को लेकर दिया बड़ा अपडेट

बिहार

बिहार के बाद पश्चिम बंगाल, असम सहित 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया चल रही है या पूरी हो चुकी है. अब बाकी 23 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया कब से शुरू होगी? चुनाव आयोग ने गुरुवार को इस बाबत बड़ी जानकारी दी है.

चुनाव आयोग ने आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, लद्दाख, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, राष्ट्रीय निर्वाचन क्षेत्र (एनसीटी) दिल्ली, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा, तेलंगाना और उत्तराखंड के मुख्य चुनाव अधिकारी को पत्र भेजकर विशेष गहन पुनरीक्षण की तैयारी पूरी करने की प्रक्रिया को लेकर निर्देश जारी किया.

आयोग ने कहा कि चूंकि उपरोक्त राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन संशोधन (SIR) अप्रैल 2026 से शुरू होने की उम्मीद है. इसलिए अनुरोध है कि एसआईआर से संबंधित तैयारी का काम जल्द से जल्द पूरा करें.

बाकी 23 राज्यों में अब SIR

उन्होंने कहा कि शेष 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चुनाव आयोग एसआईआर प्रक्रिया अप्रैल से शुरू कर सकता है. आदेश में कहा गया है कि संबंधित राज्यों के सीईओ को तैयारी पूरी करने के संबंध में निर्देश जारी किए गये हैं.

चुनाव आयोग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि आयोग ने आदेश संख्या 23/ईआरएस/2025 दिनांक 24.06.2025 (प्रति संलग्न) के माध्यम से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) करने का आदेश दिया है.

12 राज्यों और यूटी में SIR जारी

इस क्रम में आयोग ने पत्र संख्या के माध्यम से 23/2025-ईआरएस (खंड II) दिनांक 05.07.2025 के पत्र में सभी मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (बिहार को छोड़कर) को विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) अभ्यास के लिए पूर्व-संशोधन गतिविधियों को शुरू करने का निर्देश दिया था.

इसके अतिरिक्त आयोग ने दिनांक 27.10.2025 के पत्र द्वारा 12 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) अभ्यास की घोषणा की, जो वर्तमान में जारी है.

बता दें कि पहले बिहार में SIR को लेकर काफी सियासी घमासान मचा था. उसके बाद पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में SIR को लेकर चुनाव आयोग पर विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाये थे. विपक्षी पार्टियों ने भाजपा की सह पर SIR करने का आरोप लगाया था, हालांकि चुनाव आयोग ने इसे खारिज कर दिया था. इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं भी दायर की गई हैं और फिलहाल यह मामला विचाराधीन है.

चुनाव आयोग के फैसले का भाजपा ने किया स्वागत

दूसरी ओर, दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने दिल्ली में एसआईआर की चुनाव आयोग की घोषणा का स्वागत किया है और कहा है कि इससे दिल्ली से अवांछित वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से काटने का रास्ता खुलेगा.

वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा है की भाजपा ने प्रदेश एवं जिला स्तर में मतदाताओं को एसआईआर की प्रक्रिया में आने वाली किसी भी समस्या के समाधान में सहयोग देने के लिए कार्यकर्ताओं की टीम तैयार की हैं जिसमें एक एक वकील भी शामिल हैं. भाजपा चुनाव आयोग से पूरा सहयोग करेगी, ताकि दिल्ली में बस गये सभी बंग्लादेशी एवं रोहिंग्या वोटर का नाम वोटर लिस्ट से कट जाए.

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