सर्दियों का सुपर ड्रिंक! दूध में त्रिफला चूर्ण मिलाकर पीने से क्या फायदे होंगे? एक्सपर्ट से जानें लेने का सही तरीका

लाइफ स्टाइल

आयुर्वेद में खाने-पीने के नियमों से लेकर जड़ी-बूटियों के द्वारा कई बीमारियों का इलाज बताया गया है और वैदिक काल से लोग इसके जरिए स्वस्थ रहते आ रहे हैं.त्रिफला एक पावरफुल आयुर्वेदिक कॉम्बिनेशन होता है, जिसे तीन फलों या कहें की जड़ी-बूटी को मिलाकर तैयार किया जाता है, इसलिए अपनी डाइट में इसे शामिल करने से सेहत को कई फायदे हो सकते हैं. त्रिफला चूर्ण को आंवला, हरड़ (हरीतकी) और बहेड़ा (बिभीतकी) को एक निश्चित मात्रा में मिलाकर तैयार किया जाता है. इसका सेवन आपको कई हेल्थ प्रॉब्लम से बचा सकता है, लेकिन इसे सही तरह से लेना बहुत जरूरी होता है. बहुत सारी जड़ी-बूटियां दूध के साथ लेना फायदेमंद माना जाता है. इस आर्टिकल में जानेंगे कि क्या आप त्रिफला चूर्ण को इसे दूध के साथ ले सकते हैं और सर्दियों में इसे लेने का सही तरीका क्या होता है.

त्रिफला चूर्ण कई प्लांट प्रॉपर्टीज से भरपूर होने के साथ ही विटामिन और मिनरल्स का भी सोर्स होता है. इसे आप सुबह खाली पेट या फिर रात को सोने से पहले ले सकते हैं. त्रिफला दो तरह से लिया जाता है एक दूध के साथ और दूसरा पानी के साथ. तो चलिए इस बारे में एक्सपर्ट से डिटेल में जान लेते हैं.

त्रिफला में मौजूद तत्वों की जानकारी

हेल्थ लाइन में त्रिफला के बारे में जानकारी दी गई है. जैसे आंवला में कई पावरफुल कंपाउंड जैसे फिनोल, टैनिन, फ़ाइलेम्बेलिक एसिड, रुटिन, करक्यूमिनॉइड्स और एम्ब्लिकोल आदि पाए जाते हैं. इसके अलावा आंवला में विटामिन सी, अमीनो एसिड और कई मिनरल्स अच्छी मात्रा में होते हैं.

बिभीतकी के न्यूट्रिएंट्स

बिभीतकी यानी बहेड़ा में के फायदों की बात करें तो पबमेड में दी गई स्टडी के मुताबिक, ये गाउट के पेशेंट्स में यूरिक एसिड के स्तर को करने में हेल्पफुल है. इसके अलावा बिभीतकी में गैलिक एसिड और एलेजिक एसिड प्रचुर मात्रा में होते हैं. ये दो फाइटोकेमिकल्स हैं शरीर में ब्लड शुगर के लेवल और इंसुलिन रेजिस्टेंस को मैनेज करने के साथ ही बॉडी वेट पर भी पॉजिटिव असर डालते हैं.

हरड़ भी है पावरफुल

इसी तरह से हरितकी या हरड़ भी बेहद फायदेमंद रहती है.इसमें टेरपिन, पॉलीफेनोल, एंथोसायनिन और फ्लेवोनोइड जैसे फाइटोकेमिकल्स पाए जाते हैं जो सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद हैं. चलिए जान लेते हैं एक्सपर्ट से कि आप त्रिफला चूर्ण को कैसे सही तरह से अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं.

त्रिफला को दूध के साथ लेना

ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद के डायरेक्टर, प्रोफेसर प्रदीप कुमार प्रजापति कहते हैं कि त्रिफला चूर्ण को को दूध के साथ कम लेना चाहिए. इसको सीधे क्षीरपाक (ये एक ऐसी विधि होती है, जिसमें जड़ी-बूटियों को पकाया जाता है) बनाकर नहीं लेना चाहिए यानी दूध में त्रिफला को उबालना नहीं चाहिए, क्योंकि जब आप त्रिफला और दूध इस तरह से मिलाते हैं तो दूध कसैला हो जाएगा या फिर फट जाएगा. हालांकि ऐसा नहीं है कि त्रिफला का पाउडर दूध के साथ नहीं लिया जा सकता है. आप इसे हल्के गर्म दूध में मिलाकर ले सकते हैं, लेकिन फिर भी इसे दूध के साथ बेहद ही कम मात्रा में ही लेना सही रहता है.

सर्दियों में कैसे लें त्रिफला

एक्सपर्ट कहते हैं कि जाड़े के दिनों में त्रिफला को गर्म पानी के साथ ही लेना चाहिए, जो आपके लिए काफी फायदेमंद रहता है. इसे आप सुबह खाली पेट ले सकते हैं. किसी तरह की मेडिकल कंडीशन में पहले डॉक्टर से बात करनी चाहिए. इसके बाद ही इसे अपने डेली रूटीन का हिस्सा बनाएं.

त्रिफला के फायदे

हेल्थ लाइन में कई रिसर्च की जानकारी के साथ बताया गया है कि त्रिफला में एंटीइंफ्लामेटरी प्रॉपर्टीज होती हैं, इसलिए ये सूजन को कम करता है. इसके अलावा ये डायबिटीज में भी फायदेमंद है.त्रिफला आपको प्रीमेच्योर एजिंग (समय से पहले त्वचा पर उम्र के निशान फाइन लाइन, त्वचा का मोटा-डल होना, झुर्रियां होने लगना, पिगमेंटेशन होना) से बचाने में हेल्पफुल होता है. इसमें एंटी कैंसर प्रॉपर्टीज पाई जाती हैं. इसके अलावा ये वेट लॉस और कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी हेल्पफुल रहता है.

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