दक्षिण 24 परगना (फाल्टा): पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के दौरान दक्षिण 24 परगना की फाल्टा विधानसभा सीट पर भारी तनाव देखा गया। यहाँ बीजेपी उम्मीदवार देबांशु पांडा ने टीएमसी पर पोलिंग बूथ नंबर 177 में ईवीएम पर बीजेपी के चुनाव चिन्ह (कमल) के बटन पर टेप लगाने का गंभीर आरोप लगाया है।
EVM निरीक्षण को लेकर विवाद और लाठीचार्ज
बीजेपी उम्मीदवार देबांशु पांडा ने आरोप लगाया कि उन्हें कई बूथों पर ईवीएम का निरीक्षण करने से रोका गया। वहीं, फाल्टा के बेलसिंघा (बूथ नंबर 186) पर स्थिति तब बिगड़ गई जब भारी भीड़ जमा हो गई। भीड़ को तितर-बितर करने और मतदान प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए सेंट्रल फोर्स (BSF) को लाठीचार्ज करना पड़ा। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि टेपिंग की शिकायत सही पाई गई, तो प्रभावित बूथों पर दोबारा मतदान (Re-polling) कराया जाएगा।
सुवेंदु की अमित शाह से बात, टीएमसी पर साधा निशाना
विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने इस घटना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से फोन पर चर्चा की। सुवेंदु ने कहा:
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“यह टीएमसी की पुरानी तकनीक है। हमने गृह मंत्री को पूरी स्थिति बता दी है। अमित शाह ने चुनाव आयोग के अधिकारियों से सलाह कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।”
अमित मालवीय का ‘डायमंड हार्बर मॉडल’ पर हमला
बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने इस घटना को ‘डायमंड हार्बर मॉडल’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के इशारे पर कई बूथों पर वोटिंग मशीनों के साथ छेड़छाड़ की गई ताकि मतदाता बीजेपी को वोट न दे सकें। उन्होंने ममता बनर्जी पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप भी लगाया।
चुनाव आयोग का रुख
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय ने फाल्टा की घटना पर रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने कहा है कि मतदान की पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सभी शिकायतों की सीसीटीवी फुटेज और वेबकास्टिंग के जरिए जांच की जा रही है।
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