India weather forecast: दिल्ली में अप्रैल का महीना आमतौर पर तपती गर्मी के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार मौसम का अलग ही रंग देखने को मिल रहा है. बारिश के चलते राजधानी में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और लोगों को अप्रैल में भी ठंड का एहसास हो रहा है. मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 31 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. हालांकि, इस बीच आईएमडी के मुताबिक, अगले पांच दिन यानी कि 14 अप्रैल तक बारिश का कोई अनुमान नहीं है. लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ सकता है.
बुधवार को दिल्ली में मौसम ठंडा रहा. सफदरजंग में अधिकतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 6.9 डिग्री कम है. यह पिछले 11 वर्षों में अप्रैल का सबसे कम अधिकतम तापमान माना जा रहा है. इससे पहले 23 अप्रैल 2016 को अधिकतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था. पिछले 24 घंटों के दौरान सफदरजंग में 6.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो 4 अप्रैल 2023 के बाद सबसे अधिक है. पालम में हल्की वर्षा दर्ज हुई.
मौसम में बदलाव की वजह क्या?
आईएमडी के वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस मौसम परिवर्तन के पीछे सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ मुख्य कारण है, जो उत्तरी पंजाब और जम्मू-कश्मीर के ऊपर बना हुआ है. इसके प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक देखने को मिली है. मौसम विभाग के अनुसार, 9 से 11 अप्रैल के बीच जम्मू-कश्मीर में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है. वहीं 9 अप्रैल को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी गरज के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं.
दिल्ली ही नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी है. गुलमर्ग, कुपवाड़ा और बांदीपुरा जैसे क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है, जबकि श्रीनगर और आसपास के इलाकों में भारी बारिश हुई.
पंजाब, हरियाणा में कैसा है मौसम?
पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी बारिश के कारण तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया है. चंडीगढ़ में मंगलवार को अधिकतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि लुधियाना और पटियाला जैसे शहरों में भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई. पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में 9 अप्रैल को कई स्थानों पर बारिश के साथ तेज हवाएं (4050 किमी/घंटा) चलने और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है.
पूर्वोत्तर भारत में अगले पांच दिनों तक मौसम सक्रिय रहेगा. अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और त्रिपुरा में अलग-अलग दिनों में भारी बारिश हो सकती है, जबकि मेघालय में ओलावृष्टि का भी खतरा है. इसके अलावा, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है.
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