चंडीगढ़ः पंजाब सरकार और पनबस, पंजाब रोडवेज और पी.आर.टी.सी. रोडवेज कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के बीच तनातनी एक बार फिर तेज होती दिख रही है। यूनियन ने सरकार को साफ चेतावनी दी है कि अगर उनकी पुरानी लंबित मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
पंजाब रोडवेज, पनबस और पी.आर.टी.सी. के अनुंबधित कर्मचारी पिछले कई महीनों से अपने नियमितीकरण, वेतन वृद्धि और सेवा शर्तों में सुधार की मांग कर रहे हैं। यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रेशम सिंह और यूनियन नेता जगतार सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद पंजाब सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उनका आरोप है कि सरकार ने चुनावों के दौरान अनुबंधित कर्मचारियों को स्थायी करने का वायदा किया था, लेकिन अब फाइलें विभागों के बीच घूम रही हैं।
यूनियन नेताओं का कहना है कि यदि उनकी मांगे 12 नवंबर को होने वाली मीटिंग में भी नहीं मानी गई या सरकार का रवैया यूनियन की मांगों को लेकर सकारात्म न दिखा तो बुधवार बाद दोपहर या वीरवार सुबह से राज्य में परिवहन सेवाएं ठप कर दी जाएंगी। यूनियन के राज्य अध्यक्ष ने कहा कि सरकार कर्मचारियों को नजरअंदाज कर रही है जबकि इन्हीं कर्मचारियों ने मुश्किल हालात में भी जनता को सेवाएं दी है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने उनकी समस्याओं का समाधान नहीं निकाला तो वे अनिश्चतकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे। यूनियन ने कहा कि अगर उनकी आवाज अनसुनी की गई, तो इस बार आंदोलन पहले से कहीं ज्यादा होगा।
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