सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी में दो सफाईकर्मी पिंकी और उनके पति को तुरंत बहाल करने का आदेश दिया है. इन सफाईकर्मियों को नगर निगम के एक ठेकेदार ने नौकरी से बर्खास्त कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने यूपी में बाल तस्करी का आरोप लगाने वाली उनकी याचिका पर संज्ञान लिया था. इसे लेकर अब जस्टिस जेबी पारदीवाला की अध्यक्षता वाली पीठ ने वकील से कहा कि वो आज दोपहर 12 बजे तक इस गरीब दंपति को नौकरी पर बहाल कर दें.
कोर्ट ने कहा कि न्यायमित्र द्वारा हमारे समक्ष जो जानकारी लाई गई है, वह निराशाजनक और चौंकाने वाली दोनों है. हमें बताया गया कि पिंकी और उनके पति एक ठेकेदार के माध्यम से नगर निगम में सफाईकर्मी के रूप में काम कर रहे थे. हमने स्पष्ट कर दिया है कि पति-पत्नी को तुरंत बहाल किया जाना चाहिए. नहीं तो हम उस प्राधिकारी को निलंबित करने का आदेश देंगे.
क्या है पूरा मामला
पिंकी के एक साल के बच्चे बाहुबली को वाराणसी के नदेसर कैंट से अगवा कर लिया गया था. ये घटना उस वक्त हुई थी जब वह उसके बगल में सो रहा था. यह अपहरण संगठित अंतरराज्यीय बाल-तस्करी गिरोह द्वारा किया गया था. आधी रात बाद बेटे के लापता होने का पता चलने पर पिंकी ने अगले दिन थाने में शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद 30 अप्रैल 2023 को एक एफआईआर दर्ज की गई.
शुरुआत में पुलिस की जांच में सामने आया था कि पिंकी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत लापता बच्चे के बारे में थी. मगर, आगे की जांच में पता चला कि यह मामला बाल तस्करी का था. इस केस में कई गिरफ्तारियां की गईं. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आरोपियों को जमानत दे दी, जिसे पिंकी और अन्य ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.
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