राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने का स्मरणोत्सव पूरे हरियाणा में भी पूरी गरिमा और शालीनता से मनाया जा रहा है. चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सिविल सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की. उन्होंने कहा कि अपने ही देश में पराधीनता की पीड़ा कितनी कष्टदायी होती है, इसकी कल्पना ही बड़ी मुश्किल है. सन् 1857 में स्वतंत्रता के पहले संग्राम का बिगुल बजा और प्रबुद्ध नागरिकों ने अंग्रेजों के अत्याचारों के खिलाफ बोलना शुरू किया.
उन्होंने कहा कि गीत-संगीत की हमारे देश में एक लम्बी परम्परा रही है. ऐसा ही एक गीत है-वंदे मातरम्. इस अमर गीत ने अंग्रेजी शासन के अत्याचारों से ग्रस्त और त्रस्त जनमानस को उद्वेलित कर जन-जन में देशभक्ति की ज्योति प्रज्वलित की, राष्ट्रीय चेतना को स्वर प्रदान किया और भारत के स्वाधीनता संग्राम को दिशा दी.
उन्होंने कहा कि आज पूरा देश बड़े ही गर्व और गौरव के साथ वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहा है. उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, यह भारत माता की आराधना है, हमारे राष्ट्रीय चरित्र की आत्मा है.
उन्होंने कहा कि इस अवसर पर इस अमर गीत के रचयिता बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के जीवन पर आधारित एक प्रदर्शनी भी लगाई गई है. इसमें उनके जीवन के जुड़े प्रसंगों का उल्लेख किया गया है. उन्होंने उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों का आह्वान किया कि वे इस प्रदर्शनी को जरूर देखें और इससे कुछ न कुछ सीखकर जाएं. उन्होंने राष्ट्रीय गीत को हिन्दी में भी उच्चारण किया.
कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्य सचिव और कई वरिष्ठ अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर भारत माता के चरणों में पुष्प अर्पित किए. इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने राष्ट्रीय गीत गाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया. उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों ने मिलकर वंदे मातरम् गाया. कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगान के साथ-साथ राज्य गीत जय जय जय हरियाणा भी गाया गया.
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