मुंबई के कॉलेज में ‘बुर्का बैन’ पर बवाल! नए ड्रेस कोड के विरोध में धरने पर बैठीं छात्राएं, प्रशासन और छात्रों के बीच तनाव

महाराष्ट्र

महाराष्ट्र के मुंबई स्थित चेंबूर इलाके में कुछ दिन पहले एक कॉलेज ने लड़कियों के बुर्के और नकाब को कैंपस के अंदर बैन कर दिया था. इस मुद्दे को लेकर कॉलेज में जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया था. अब ऐसी ही एक घटना मुंबई के गोरेगांव इलाके में भी देखने को मिली है. यहां विवेक विद्यालय नाम के जूनियर कॉलेज ने नोटिफिकेशन जारी करते हुए कॉलेज में बुर्के-नकाब को प्रतिबंधित कर दिया है.

साथ ही किसी भी धर्म को निर्देशित करने वाली वस्तु को पहन कर कॉलेज में जाने पर प्रतिबंध लगाया है. इस पूरे मामले के बाद कॉलेज प्रशासन के खिलाफ AIMIM की महिला सेल से जुड़े कुछ लोगों ने कॉलेज की लड़कियों के साथ पूरे प्रकरण का विरोध किया है और कॉलेज को अल्टीमेटम भी दिया है.

एमआईएम की मांग है कि लड़कियों को बुर्का पहनकर क्लास में बैठने नहीं दिया जा रहा है और पार्टी इसका विरोध करती है. कॉलेज ने इस मामले में बात करने से साफ मना कर दिया. जबकि, कॉलेज के कोड ऑफ कंडक्ट के आदेश में साफ लिखा गया है कि लड़कियों का कम कपड़े, बुर्का और हिजाब पहनना बैन है. वहीं, लड़कों को टोपी, धार्मिक चिन्ह वाले कपड़े पहनने पर बैन है.

विवेक विद्यालय के जूनियर कॉलेज ने अपने सर्कुलर में कहा है कि छात्रों को संस्थान द्वारा निर्धारित ड्रेस कोड का कड़ाई से पालन करना होगा. उनसे परिसर में उचित और शालीन कपड़े पहनने की अपेक्षा की जाती है.

स्वीकार्य पोशाक:

1- लड़कों के लिए- औपचारिक हाफ या फुल शर्ट और ट्राउजर, टी-शर्ट/जींस.

2- लड़कियों के लिए- कोई भी उपयुक्त भारतीय या पश्चिमी पोशाक.

3- लड़कों को उचित ढंग से बाल कटवाकर आना होगा. लड़कियों को हर समय अपने बाल बांध कर रखने होंगे.

अनुमति नहीं:

1- बिना आस्तीन वाले टॉप, छोटे टॉप, जर्सी, छोटे कपड़े, छोटी टी-शर्ट, शरीर से चिपके हुए टॉप, शॉर्ट्स, रिप्ड जींस या कोई भी अन्य अनुचित पोशाक पहनने की अनुमति नहीं होगी.

2- ऐसे कपड़े पहनना प्रतिबंधित है जो धर्म से आधारित हों और सांस्कृतिक असमानता दर्शाते हों.

3- लड़कियों के लिए- कक्षा में प्रवेश से पहले बुर्का, नकाब आदि (अर्थात, कपड़े या एम्ब एम्स, धर्म-निर्धारण चिह्न) उतारना अनिवार्य है.

4- लड़कों के लिए- टोपी, बैज, पोशाक या धर्म को दर्शाने वाले प्रतीक चिन्ह की अनुमति नहीं है.

5- सभी छात्रों को हर समय उचित जूते पहनने होंगे- धार्मिक आवश्यकताओं या कारणों से नंगे पैर रहने की अनुमति नहीं होगी.

जहां शिवसेना प्रवक्ता संजय निरूपम का कहना है कि बच्चों को कॉलेज के आदेश और ड्रेस कोड का पालन करना चाहिए. वहीं, इस मामले में एमआईएम ने कॉलेज को अपना आदेश पीछे लेने का अनुरोध किया है.

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry