UP Assembly: “OBC का हक हड़प रही सपा”, मंत्री संजय निषाद के बयान पर विधानसभा में भारी हंगामा; विपक्षी विधायकों ने किया वॉकआउट

उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मत्स्य मंत्री डॉक्टर संजय निषाद के भाषण पर समाजवादी पार्टी के विधायकों के साथ उनकी तीखी झड़प हो गई. सदन में हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों ने विधानसभा स्पीकर के आसन के समक्ष आकर जमकर नारेबाजी भी की. यही नहीं कुछ सदस्यों की ओर से निषाद के हाथ से पेपर छीनने की भी कोशिश की गई.

विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान संजय निषाद कल बुधवार शाम अपना भाषण दे रहे थे. अपने संबोधन के दौरान निषाद ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं पर जमकर हमला बोला. उनकी ओर से सपा नेताओं के “बेईमान” कहे जाने और ओबीसी को मिलने वाले फायदों का ज्यादातर हिस्सा हड़पने का आरोप लगाए जाने से सदन में हंगामा शुरू हो गया. हालांकि मंत्री ने अपने भाषण में सीधे तौर पर किसी खास समुदाय का नाम तो नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा यादव समुदाय की ओर माना गया. यह बिरादरी पारंपरिक रूप से समाजवादी पार्टी की सबसे बड़ी समर्थक पार्टी मानी जाती है.

विरोध के दौरान वेल में आ गए विधायक

उनके भाषण के दौरान भड़के सपा विधायक विरोध जताते हुए सदन के वेल में आ गए. कुछ विधायकों ने मंत्री के हाथ से उनके भाषण के पेपर भी छीन लिए, और इसके बाद दोनों पक्षों के बीच हाथापाई जैसी स्थिति बन गई. सदन में आरक्षण और जातिगत शब्द पर विवाद शुरू हो गया और तीखी बहस होने लगी.

निषाद ने मुख्य विपक्षी पार्टी पर आरोप लगाया कि उन्होंने पिछड़े समाज के लोगों का हक छीना है. इस बीच नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय की ओर से निषाद समुदाय के संदर्भ में एक कथित ‘जातिगत शब्द’ का इस्तेमाल किए जाने पर निषाद ने कड़ी आपत्ति जताई और माफी की मांग की. इस बीच मंत्री ने भी माता प्रसाद से निषाद समुदाय को लेकर दिए गए बयान पर माफी की मांग की और चेतावनी दी कि अगर उनकी ओर से माफी नहीं मांगी गई तो वह पुलिस में शिकायत दर्ज कराएंगे, साथ में धरना भी देंगे.

दोनों पक्षों को मर्यादा बनाए रखने की अपील

मंत्री संजय निषाद ने सपा को मछुआरे समाज के लिए ‘मगरमच्छ’ बताया और सवाल किया कि उनके विभाग के पदों को उर्दू अनुभाग में बदलने का मतलब है ‘क्या मछलियां उर्दू पढ़ती हैं?’ दोनों के बीच हंगामा बढ़ता देख विधानसभा स्पीकर सतीश महाना ने हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों को मर्यादा बनाए रखने की चेतावनी दी.

साथ ही उन्होंने आपत्तिजनक शब्दों को सदन की कार्यवाही से हटाने के निर्देश दिए. प्रदेश के संसदीय कार्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने इस घटना को मंत्री पर हमले की कोशिश करार देते हुए पीठ से शिकायत दर्ज कराई है . मंत्री संजय निषाद को शांत करवाने के लिए स्पीकर सतीश महाना ने उन्हें फटकार भी लगाई.

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry