UP का ऐसा मस्जिद, जहां रमजान में भी नहीं होगी नमाज; जानें क्या है वजह

उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में एक ऐसा मस्जिद है, जहां रमजान के महीने में नमाज नहीं होगी. इस संबंध में जिला प्रशासन ने इस मस्जिद से जुड़े लोगों को अवगत करा दिया है. प्रशासन ने इसकी जो वजह बताई है, वो काफी हैरान करने वाली है. अब मस्जिद से जुड़े लोगों ने जिला प्रशासन से मिलकर बीच का रास्ता निकालने की मांग की है. दरअसल यह मस्जिद जिले के एमआईसी इंटर कॉलेज परिसर में है.इस समय यूपी बोर्ड की परीक्षाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने इस बार रमजान में यहां आने पर पाबंदी लगा दी है.

इस समय रमजान का महीना चल रहा है. मस्जिदों में हर समय रोजेदारों की भीड़ देखी जा रही है. आलम यह है कि मस्जिदों में नमाज पढ़ने के लिए मुश्किल से जगह मिल पा रही है. उधर, उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में एक ऐसी भी मस्जिद है, जहां दिन भर सननाटा पसरा हुआ है. इस मंदिर में पूरे रमजान तक किसी को भी नमाज पढ़ने की अनुमति नही है. इस संबंध में जिला प्रशासन ने पहले ही नमाजियों को अवगत करा दिया था. प्रशासन ने यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में सूचिता बनाए रखने के लिए यह प्रतिबंध लगाया है. इस समय यूपी बोर्ड के स्कूलों और इंटर कॉलेजों में परीक्षाएं चल रही हैं.

इंटर कॉलेज कैंपस में है मस्जिद

इसकी वजह से राज्य भर के परीक्षा केंद्रों में अनाधिकृत प्रवेश रोक दिया गया है. जहां तक इस मस्जिद की बात है तो यह मस्जिद फर्रुखाबाद के एमआईसी इंटर कॉलेज परिसर में बनी है और इसी कॉलेज में परीक्षा के लिए स्ट्रांगरूम बनाया गया है. ऐसे में जिला प्रशासन ने परीक्षा के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी की आशंका के मद्देनजर इस कैंपस में अनाधिकृत प्रवेश रोक दिया है. इसकी वजह से किसी को मस्जिद तक जाने की भी अनुमति नहीं है. जानकारी के मुताबिक जिला प्रशासन के आदेश पर इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल ने पिछले दिनों इस मस्जिद से जुड़े लोगों को मौखिक तौर पर अवगत करा दिया था.

नमाज के लिए डीएम से मिले लोग

उन्हें साफ साफ बता दिया था कि परीक्षाएं जारी रहने तक इस मस्जिद में नमाज नहीं होगी. इसके बाद मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी से मुलाकात की है. इसमें मुस्लिम समाज ने डीएम एसे आग्रह किया है कि नमाज के दौरान केवल रात में नमाज पढ़ने की अनुमति मिले. इसके लिए समाज ने भरोसा दिया है कि केवल 21 नमाजी ही शामिल होंगे. हालांकि डीएम ने उनके आग्रह पत्र को विचार के लिए रख लिया है.

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry