जनधन खाते में हजार करोड़ क्रेडिट होने का सच, समझें पूरा मामला

झारखण्ड

गिरिडीह: जिले में पिछले दो दिनों से एक हजार करोड़ (999 करोड़ 99 लाख 97 हजार 401 रुपया) की चर्चा जोरों पर है. चर्चा के पीछे की वजह हीरोडीह थाना इलाके के यदुरायडीह निवासी गणेश वर्मा हैं. दरअसल, गणेश वर्मा ने हीरोडीह थाना में एक शिकायत की है. शिकायत में कहा है कि बैंक ऑफ इंडिया हीरोडीह शाखा में उनका बचत खाता है. इस खाते में 999 करोड़ 99 लाख 97 हजार 401 रुपया माइनस कर दिया गया है.

गणेश ने यह भी कहा कि इसकी जानकारी उन्हें तब मिली जब वह केवाईसी (अपने ग्राहक को जाने) करने बैंक गए. यहां पता चला कि उनके खाते को फ्रीज किया गया है. चूंकि मामला लगभग हजार करोड़ का है तो पूरा सोशल मीडिया इसी मामले से छा गया. तरह-तरह की चर्चा होने लगी. ऐसे में ईटीवी भारत की टीम ने भी पड़ताल शुरू की. सबसे पहले शाखा प्रबंधक मंजीत से बात हुई. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि किसी प्रकार की राशि गणेश वर्मा के खाते में नहीं आयी है. खाता होल्ड है. इसी वजह से माईनस में इतनी मोटी रकम दिख रही है.”

वहीं मामले को और समझने के लिए ईटीवी भारत ने बैंक ऑफ इंडिया के एलडीएम अमृत चौधरी से संपर्क किया. एलडीएम से सीधी बात की. एलडीएम ने बताया कि गणेश का बचत खाता जनधन का है. इस खाते में कई ऐसे ट्रांजेक्शन हुए हैं जो आपत्तिजनक हैं. ऐसे में फरवरी 2025 में बैंक ऑफ इंडिया हेडऑफिस द्वारा उक्त खाते में इतनी रकम का होल्ड लगाया गया. गणेश के खाते में लगभग हजार करोड़ आने की बात पूरी तरह से गलत है.

एक्टिव है फ्रॉड रिस्क मैंनेजमेंट

यहां बता दे कि साइबर फ्रॉड को देखते हुए आरबीआई के स्तर से फ्रॉड रिस्क मैंनेजमेंट एक्टिव है. जो फ्रॉड को रोकने, उसका पता लगाने और उससे निपटने के लिए कई तरह की नीति और तकनीक अपनाता है. हाल के वर्षों में हर उस खाते की मॉनिटरिंग हो रही है जिससे आपत्तिजनक ट्रांजेक्शन होता है. खाते में ट्रांजेक्शन संदिग्ध होने के बाद खाते को फ्रीज करने से लेकर आगे की कार्रवाई की जाती है.

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