शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे शुक्रवार को मुंबई में पार्टी कार्यकर्ताओं को संयुक्त रूप से संबोधित करेंगे. यह कार्यक्रम शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे की 100वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है.
दरअसल दोनों चचेरे भाई हाल ही में साथ मिलकर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव लड़ने के बाद पहली बार एक मंच पर नजर आएंगे. चुनाव में शिवसेना (UBT) को 65 सीटें मिली थीं, जबकि मनसे ने 6 सीटें जीती थीं. हालांकि, गुरुवार को कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में मनसे के कुछ नगरसेवकों द्वारा शिंदे-नेतृत्व वाली शिवसेना को समर्थन दिए जाने से दोनों दलों की एकजुटता पर सवाल भी उठे.
मराठी अस्मिता की राजनीति के लिहाज से अहम
इस बीच, शुक्रवार को दादर स्थित बाल ठाकरे स्मारक पर शिवसेना (UBT), मनसे और शिंदे-नेतृत्व वाली शिवसेना के कार्यकर्ताओं के बड़ी संख्या में पहुंचने की संभावना है. कार्यक्रम मध्य मुंबई के सायन स्थित षन्मुखानंद हॉल में आयोजित किया जाएगा. दोनों दलों के पदाधिकारियों ने कार्यक्रम की पुष्टि की है. इस संयुक्त संबोधन को आगामी राजनीतिक रणनीति और मराठी अस्मिता की राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है.
मनसे के समर्थन पर बीजेपी का दावा
भाजपा ने गुरुवार को दावा किया कि कल्याण-डोंबिवली नगर निकाय में मनसे का शिंदे की शिवसेना को समर्थन दिया जाना उद्धव ठाकरे द्वारा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ 2019 में किए गए “विश्वासघात” का नतीजा है. राज्य भाजपा के मीडिया प्रभारी नवनाथ बान ने दावा किया है कि शिवसेना (UBT) ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने कहा कि गठबंधन के बावजूद मुंबई में राज ठाकरे की पार्टी के पार्षदों की संख्या 2017 के चुनाव की संख्या से कम हो गई है.
उन्होंने कहा कि कल्याण-डोंबिवली के फैसले को अन्य जगहों पर भी दोहराया जा सकता है. साथ ही उन्होंने कहा कि लोग अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री फडणवीस को विकास से जोड़ते हैं. बुधवार को कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) में एक नया राजनीतिक समीकरण उभर कर सामने आया, जिसमें मनसे के नगरसेवकों ने शिंदे की शिवसेना को समर्थन दिया है.
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