नई दिल्ली। तंबाकू मुक्त संस्थान के रूप में पहचान बना चुके ने अब #TobaccoFreeIndia और #TobaccoFreeGeneration के राष्ट्रीय मिशन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है। इस अभियान के तहत Amrinder Singh Malhi, सहायक प्रोफेसर, एम्स नई दिल्ली ने तंबाकू को “राष्ट्र का सबसे बड़ा दुश्मन” बताते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों को इसके दुष्प्रभावों से बचाना देश की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में प्रतिदिन लगभग 2,000 लोगों की मृत्यु तंबाकू सेवन से जुड़ी बीमारियों के कारण होती है, जो इसे एक गंभीर राष्ट्रीय स्वास्थ्य संकट बनाती है।
डॉ. मल्ही ने कहा कि तंबाकू केवल लोगों की जान ही नहीं लेता, बल्कि परिवारों की आर्थिक स्थिति को भी बर्बाद कर देता है। तंबाकू से होने वाले कैंसर, हृदय रोग, अंधत्व, बांझपन, गैंग्रीन तथा अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज में परिवारों की जीवन भर की जमा-पूंजी खर्च हो जाती है। उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार लगभग 90 प्रतिशत मुख कैंसर तंबाकू सेवन से जुड़े हैं, जबकि करीब 18 प्रकार के कैंसर का संबंध सीधे तौर पर तंबाकू से है।
उन्होंने कहा कि तंबाकू से होने वाली स्वास्थ्य हानि, कार्यक्षमता में कमी और समयपूर्व मृत्यु के कारण देश को होने वाला आर्थिक नुकसान तंबाकू बिक्री से प्राप्त राजस्व से कई गुना अधिक है। डॉ. मल्ही ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि तंबाकू की लत देश की उत्पादकता, सामाजिक व्यवस्था और विकास की गति को प्रभावित कर रही है। उनके अनुसार एक विकसित भारत का सपना तब तक अधूरा रहेगा, जब तक तंबाकू जैसी लत समाज में व्यापक रूप से मौजूद रहेगी।
डॉ. मल्ही ने तंबाकू नियंत्रण के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान, वैज्ञानिक तरीके से नशामुक्ति कार्यक्रम, स्कूलों, कॉलेजों और कार्यालयों में एंटी-टोबैको समूहों के गठन तथा युवाओं को तंबाकू से दूर रखने के प्रयासों को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को तंबाकू छोड़ने के लिए प्रेरित करना या उसकी सहायता करना भी राष्ट्र सेवा का एक महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने देशवासियों से तंबाकू मुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
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