Mumbai: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हाल ही में हुए फायरिंग मामले की जांच कर रही मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच एंटी एक्सटॉर्शन सेल को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में हरियाणा से तीन नए आरोपियों को धर दबोचा है। पुलिस रिमांड आवेदन के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अंकित उर्फ सरपंच (18 निवासी गोहाना), समीर हसन खत्री (19 निवासी सोनीपत) और जतिन कृष्ण पांचाल (27 निवासी सोनीपत) के रूप में हुई है। जांच एजेंसी का दावा है कि इन तीनों ने अभिनेता की रेकी करने, हमले की पूरी योजना बनाने और वारदात में इस्तेमाल हथियारों की व्यवस्था करने में अहम भूमिका निभाई थी।
सोनीपत और गोहाना में छापेमारी कर दबोचे गए आरोपी
मुंबई पुलिस ने हरियाणा के सोनीपत और गोहाना जिलों में विशेष कार्रवाई करते हुए इन आरोपियों को दबोचा। अंकित को गोहाना से जबकि समीर और जतिन को सोनीपत से हिरासत में लेकर ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई लाया जा रहा है। इन आरोपियों को अदालत से क्रमशः 24 अक्टूबर और 23 अक्टूबर तक की ट्रांजिट रिमांड पर लिया गया था। इस ताजा कार्रवाई के बाद इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक गिरफ्तार कुल आरोपियों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है, जबकि अनिल पंडित को पुलिस ने मुख्य वांछित आरोपी घोषित किया है।
रेकी और हथियारों की सप्लाई में थी मुख्य भूमिका
पुलिस की पूछताछ और रिमांड दस्तावेजों के मुताबिक, आरोपी अंकित उर्फ सरपंच अन्य साथियों के साथ मिलकर लगातार टाइगर श्रॉफ के आने-जाने वाले ठिकानों की रेकी कर रहा था और वह मुख्य आरोपी अनिल पंडित के सीधे संपर्क में था। वहीं, समीर खत्री और जतिन पांचाल पर इस बात का गंभीर आरोप है कि उन्होंने इस खतरनाक हमले के लिए अवैध हथियारों की आपूर्ति और प्रबंध करने में सहयोग किया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये हथियार कहां से खरीदे गए थे और इन्हें मुंबई तक पहुंचाने में किन-किन लोगों ने नेटवर्क का इस्तेमाल किया था।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सर्विलांस से खुला राज
घटना के बाद क्राइम ब्रांच की कई टीमों ने जुहू और आसपास के इलाकों के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसके आधार पर आरोपियों के भागने के रास्तों का पता चला। वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल को अंधेरी पश्चिम रेलवे स्टेशन के पास से बरामद किया गया था। आरोपियों के सूरत और वहां से राजस्थान की ओर भागने की सूचना मिलने पर राजस्थान पुलिस के सहयोग से कोटा रेलवे स्टेशन पर कुछ संदिग्धों को दबोचा गया था, जिसके बाद दिल्ली और हरियाणा तक यह जाल फैलाया गया।
18 अक्टूबर की शाम को दिया गया था वारदात को अंजाम
यह सनसनीखेज घटना 18 अक्टूबर 2026 को शाम करीब सात बजे विले पार्ले पश्चिम स्थित जमनाबाई नरसी इंटरनेशनल स्कूल के मैदान के बाहर हुई थी। टाइगर श्रॉफ जब अपनी बीएमडब्ल्यू (BMW) कार में सवार होकर लौट रहे थे, तभी गेट के पास दो हमलावरों ने गाड़ी पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। तीसरा आरोपी मोटरसाइकिल पर पहले से तैयार खड़ा था। इस जानलेवा हमले में टाइगर श्रॉफ के ड्राइवर की कलाई में गोली लगी और उंगली में फ्रैक्चर हुआ, जबकि अभिनेता को भी मामूली चोटें आईं। सड़क पर गुजर रहा एक अन्य राहगीर भी गोली लगने से घायल हुआ था।
संगठित अपराध की धाराएं जोड़ी गईं, पुलिस कस्टडी की मांग
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं (जैसे 109(1), 3(5), 61(2) और 111) के साथ-साथ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का मानना है कि यह हमला एक बड़े संगठित आपराधिक सिंडिकेट के जरिए प्रायोजित था। एंटी एक्सटॉर्शन सेल के अधिकारी ने अदालत से आरोपियों की 14 दिन
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad