देवघर बाबाधाम में इस बार की शिव बारात होगी बेहद खास, श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन ने किए पुख्ता इंतजाम

छत्तीसगढ़

देवघर: बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर में आगामी 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर निकलने वाली भव्य शिव बारात को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में है. जिला प्रशासन से लेकर स्थानीय कलाकारों और श्रद्धालुओं तक हर कोई इस दिव्य आयोजन को ऐतिहासिक और यादगार बनाने में जुटा है. शहर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो चुका है और गलियों में ‘बोल बम’ एवं ‘हर हर महादेव’ की गूंज सुनाई दे रही है.

सन 1994 से देवघर में शिव बारात की साज-सज्जा का दायित्व संभाल रहे कलाकार मार्कण्डेय जज्बाड़े ने बताया कि इस वर्ष की बारात में धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक संदेश की भी अनूठी प्रस्तुति देखने को मिलेगी. उन्होंने कहा कि इस बार ‘हैकर दैत्य’ की विशेष झांकी निकाली जाएगी. जिसके माध्यम से संथाल परगना क्षेत्र में बढ़ रहे साइबर अपराध के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा. झांकी के माध्यम से लोगों को साइबर ठगी से बचने का तरीका बताया जाएगा.

इसके अलावा बारात में भूत-पिशाच और विभिन्न पौराणिक आकृतियों की आकर्षक प्रस्तुति श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी. खास बात यह है कि इस वर्ष भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विश्व कप में शानदार सफलता भी झांकी के माध्यम से दर्शायी जाएगी. कलाकारों का कहना है कि शिव बारात केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज और समय का प्रतिबिंब भी है.

इधर, प्रशासन भी शिव बारात को लेकर पूरी तरह सतर्क है. नगर आयुक्त रोहित सिन्हा ने बताया कि शिव बारात जिन मार्गों और चौक-चौराहों से होकर गुजरेगी, वहां अतिक्रमण हटाने का निर्देश जारी कर दिया गया है. वे स्वयं रूटलाइन का निरीक्षण कर व्यवस्था को दुरुस्त कर रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो.

डीसी नमन प्रियेश लकड़ा और एसडीओ रवि कुमार के नेतृत्व में आयोजित बैठक में मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में बिजली, लाइटिंग और साफ-सफाई की व्यवस्था को और सुदृढ़ करने का निर्देश दिया गया है. श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए इस बार वीआईपी और वीवीआईपी दर्शन पर पूर्ण रूप से रोक लगाने का निर्णय लिया गया है. वहीं शीघ्रदर्शनम कूपन की दर में भी बढ़ोतरी की गई है. 14 और 15 फरवरी को 300 रुपये का कूपन 600 रुपये में उपलब्ध होगा.

देवघर की पावन धरती एक बार फिर शिवमय होने को तैयार है. आस्था, कला, संदेश और प्रशासनिक सजगता के संगम से इस बार की शिव बारात न केवल भव्य होगी, बल्कि समाज को जागरूक करने वाली भी साबित होगी.

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