छत्तीसगढ़ विधानसभा में अफीम पर मचेगा घमासान! लाल हुए भूपेश बघेल, BJP का तंज- ‘पिटे हुए मोहरे हैं पूर्व CM’

छत्तीसगढ़

रायपुर: होली की छुट्टी के बाद 9 मार्च से दोबारा विधानसभा का बजट सत्र शरू होने जा रहा है. ये सत्र सत्ता पक्ष भाजपा के लिए नई मुसीबत लेकर आने वाला है. जिस तरीके से हालिया दिनों में कानून व्यवस्था का हाल बिगड़ा है, शराब के कारण हत्याएं हुई हैं उसपर सियासत गर्माने वाली है. दरअसल, शुक्रवार को दुर्ग पुलिस ने बड़ी रेड में 1 एकड़ में लगाए गए अफीम की फसल को पकड़ा है. यह ऐसे तमाम मुद्दे हैं जो 9 तारीख से शुरू हो रहे छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में भारतीय जनता पार्टी के लिए उत्तर देने में परेशानी का कारण बन सकते हैं.

9 तारीख से शुरू होने वाले बजट सत्र के कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने भाजपा को घेरने की एक मजबूत रणनीति तैयार कर ली है. इसे लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि 9 तारीख से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में हम नशे की इस बात को लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाएंगे.

शराब और हत्या का मुद्दा

होली की छुट्टी के बाद 9 तारीख से शुरू हो रहे हैं विधानसभा के बजट सत्र को लेकर कांग्रेस ने शराब और उसके बाद हुई हत्या के मामले को मजबूती से उठाने का निर्णय लिया है. होली के समय में शराब की दुकानों को नहीं बंद करने का निर्णय भारतीय जनता पार्टी के लिए परेशानी का कारण बना था. हालांकि मुख्यमंत्री ने अपनी समीक्षा के बाद दुकानों को बंद करने का निर्देश जारी कर दिया था, लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार की इस निर्णय ने राजनीतिक तौर पर सरकार की किरकिरी जरूर करवाई. होली के दिन रायपुर में जिस तरीके की घटनाएं हुई उसमें शराब पीकर मारपीट और शराब के कारण चार लोगों की हत्याएं हुई थी.

किसकी सरकार बेहतर इसी पर बयानबाजी

प्रदेश में कानून व्यवस्था के सवाल को लेकर कांग्रेस लगातार मुखर है. आपराधिक घटनाओं पर बयानबाजी का दौर भी तेज है. किसकी सरकार बेहतर थी और किसके राज में कानून व्यवस्था मजबूत रही ये बताया जा रहा है. 6 मार्च को प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा ने अपने बयान में कहा कि विधानसभा में कानून व्यवस्था को लेकर भारतीय जनता पार्टी के सरकार के कामकाज के दौरान कानून व्यवस्था पर जो टिप्पणी और सवाल पूछा गया था उसे पर मैंने जवाब दिया था. साथ ही हमने अपनी सरकार के 26 महीने के कामकाज और कानून व्यवस्था का पूरा विवरण दिया. इसके अलावा कांग्रेस के समय में जिस तरीके की कानून व्यवस्था का हाल था उसकी भी जानकारी मैंने पटल पर रखी.

गृह मंत्री ने कहा कि यह ऑन रिकॉर्ड हमने सदन में रखा है. बड़ा सवाल यह है कि 26 महीने के काम-काज के दौरान जो भी आपराधिक घटनाएं हुई हैं, वह सब रिकार्ड में दर्ज हैं. लेकिन आपराधिक घटनाएं थाने में दर्ज न हो इसके लिए कानून व्यवस्था किस तरीके से मजबूत की गई है, इस पर कांग्रेस का हमला है. और इसी बात का जवाब भारतीय जनता पार्टी को कानून व्यवस्था के मामले में देना है.

9 मार्च को कानून व्यवस्था पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव

दुर्ग में अफीम की खेती पकड़े जाने और उसमें भारतीय जनता पार्टी के नेता का नाम के आने के बाद राजनीति गरमा गई है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 7 मार्च को उस खेत का दौराा किया जहां पर पुलिस ने छापेमारी करके कई एकड़ में लगाई गई अफीम की फसल को पकड़ा था. भूपेश बघेल ने कहा कि जिस तरीके से नशे की खेती की जा रही है, यह छत्तीसगढ़ के लिए ठीक नहीं है. बघेल ने कहा कि 9 तारीख को होली के बाद शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में कार्य स्थगन प्रस्ताव लाया जाएगा, यह पूरे तौर पर भारतीय जनता पार्टी के सरकार का फेलियर है.

“फोन आया ओर सरपंच गिरफ्तार हो गए”

भूपेश बघेल ने कहा कि यहां के बच्चों ने नशे के कारोबार को उजागर कर दिया. बच्चों ने देखा कि यहां नए तरीके के फूल और फल लगे हुए हैं तो उन लोगों ने उसका फोटो ले लिया. सरपंच को दिखाया, सरपंच ने पुलिस प्रशासन को बताया तब इसका भेद खुला. भूपेश बघेल ने कहा कि आरोपी पार्टी के बड़े नेता हैं और लगातार भारतीय जनता पार्टी के बड़े पदों पर रहे हैं. इनका रसूख बहुत ज्यादा है. गृह मंत्री के यहां से फोन आता है और सरपंच को गिरफ्तार करवा दिया जाता है. भूपेश बघेल ने कहा कि मोदी जी और विष्णु देव साय की सरकार में पूरा समाज नशे में डूब रहा है. भूपेश बघेल ने कहा कि इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए, जो इसमें शामिल हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. भूपेश बघेल ने कहा कि 9 तारीख से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में हम इसको लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाएंगे.

“पिटे हुए मोहरे” हैं बघेल

भूपेश बघेल के बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और सांसद संतोष पांडे ने कहा, भूपेश बघेल जो भी बयान दे रहे हैं, उसका कोई महत्व नहीं है. सांसद संतोष पांडे ने कहा कि इसी छत्तीसगढ़ की जनता ने उन्हें छत्तीसगढ़ से उखाड़ कर फेंका है. उन्होंने कहा की भारतीय जनता पार्टी की बात को छोड़कर भूपेश बघेल को कांग्रेस पार्टी की चिंता करनी चाहिए. संतोष पांडे ने कहा कि बघेल कांग्रेस की राजनीति में “पिटे हुए मोहरे” मात्र बनकर रह गए हैं.