बिहार के मोतिहारी जिले से प्राइवेट बैंक की लापरवाही का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला को लोन चुकता होने और एनओसी मिलने के बावजूद उसको डिफॉल्टर की लिस्ट से बाहर नहीं किया गया. महिला का आरोप है कि बार-बार चक्कर काटने के बाद भी कोई समाधान नहीं मिला. इसी बात से नाराज होकर महिला झाड़ू और डंडा लेकर बैंक पहुंच गई. विरोध करते हुए वह तोड़फोड़ करने लगी.
मोतिहारी जिले के सुगौली नगर स्थित आजाद चौक पर एक बैंक की कार्यप्रणाली उस वक्त कटघरे में खड़ी हो गई, जब बैंक की कथित लापरवाही से तंग आकर एक महिला ग्राहक ने बैंक परिसर में जमकर हंगामा किया. यह महिला में झाड़ू और बांस का डंडा लेकर बैंक पहुंची थी. महिला का आरोप है कि उसने अपना पूरा लोन चुका दिया है. बैंक से एनओसी भी मिल गई, लेकिन इसके बावजूद न तो उसका सिबिल स्कोर सुधारा गया और न ही उसे डिफॉल्टर की सूची से बाहर किया गया.
महिला ने बैंक के बाहर जताया विरोध
बार-बार बैंक के चक्कर काटने के बाद भी जब कोई समाधान नहीं मिल रहा था. इसी बात से गुस्सा होकर आकर महिला ने बैंक में तोड़फोड़ करते हुए कांच का दरवाजा तोड़ दिया. इससे बैंक में अफरा-तफरी मच गई. घटना की सूचना मिलते ही महिला पुलिसकर्मी तुरंत मौके पर पहुंच गई. इसके बाद वह विरोध कर महिला का समझा-बुझाकर थाने ले आई. बैंक ब्रांच मैनेजर के महिला के आरोपों को नकार दिया हैं.
ब्रांच मैनेजर ने महिला के आरोपों को नकारा
उन्होंने बताया कि महिला केवल एनओसी पर हस्ताक्षर कराने आई थी, लेकिन स्टाफ के फील्ड में होने के कारण वह उग्र हो गई और उपद्रव करने लगी. फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है. यह घटना बैंक की लापरवाही और सिस्टम की सुस्ती का एक उदाहरण है. अक्सर बैंकों में इस तरह की समस्याएं सामने आती रही हैं. अब जांच में होने के बाद पुलिस ने मामले में आगे की कार्रवाई करेगी.
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