चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में हुई शिक्षा विभाग की अहम बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक में यह तय किया गया कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए चलाई जा रही मुख्यमंत्री छात्र परिवहन सुरक्षा योजना का दायरा अब और बढ़ाया जाएगा।
पहले यह योजना प्रदेश के 22 जिलों के 22 ब्लॉकों तक सीमित थी, लेकिन अब जहां से भी मांग आएगी, वहां विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ दिया जाएगा। सरकार विद्यार्थियों के स्कूल आने-जाने के परिवहन खर्च को खुद वहन करेगी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पानीपत और गुरुग्राम के नौरंगपुर में दो नए सुपर-100 केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों की स्थापना प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री स्वयं सुपर-100 कार्यक्रम के चयनित विद्यार्थियों, एचीवर्स और मेंटर्स के साथ संवाद करेंगे। इसके लिए आवश्यक तैयारियां शिक्षा विभाग द्वारा की जाएंगी। इसरो भ्रमण कर चुके सभी बैचों के विद्यार्थियों के साथ मुख्यमंत्री संवाद करेंगे, जिनमें आईटीआई और पॉलिटेक्निक के छात्र भी शामिल होंगे।
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्कूलों में करियर मार्गदर्शन पर भी जोर दिया गया है। अब विद्यालयों में ऑनलाइन और ऑफलाइन करियर काउंसलिंग मॉड्यूल शुरू किए जाएंगे। प्रातःकालीन प्रार्थना सभा के दौरान साप्ताहिक करियर जागरूकता सत्र आयोजित होंगे। इसके लिए विशेष पुस्तकें और सूचना आधारित मॉड्यूल स्कूलों को उपलब्ध कराए जाएंगे।
इसके अलावा 7 से 8 गांवों के क्लस्टर बनाकर किसी एक गांव में मोबाइल डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने की योजना बनाई गई है। इसकी शुरुआत पंचकूला जिले के मोरनी क्षेत्र से की जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि शिक्षा की सुविधाएं अंतिम छोर तक पहुंचें और विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिल सकें।
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