सागर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के सागर जिले के गोपालगंज थाना क्षेत्र में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। रविवार को सोशल मीडिया पर एक युवक की हाथ में बंदूक लिए तस्वीर तेजी से वायरल हुई थी। इस पोस्ट का संज्ञान लेते हुए पुलिस अवैध हथियार की बरामदगी के लिए तत्काल युवक के घर दबिश देने पहुंची। लेकिन तलाशी के दौरान घर के भीतर जो मिला, उसने पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। घर में अवैध हथियार तो नहीं मिला, लेकिन कमरे में रखी लोहे की अलमारी को खोलते ही नोटों की गड्डियों का भारी अंबार नजर आया।
💰 अलमारी से निकले नोटों से भरे बैग, गिनने के लिए मंगवानी पड़ी मशीन
अलमारी के भीतर से नकदी से ठसाठस भरे कई बैग बरामद हुए।
नकदी की मात्रा इतनी अधिक थी कि हाथ से गिनना संभव नहीं था, जिसके बाद पुलिस टीम को मौके पर नोट गिनने की मशीन मंगवानी पड़ी। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, यह बेहिसाब नकदी भोपाल में पदस्थ एक सरकारी इंजीनियर की बताई जा रही है। मामले में स्कूल बस व कार ड्राइवर सौरभ अहिरवार ने सोशल मीडिया पर अवैध गन के साथ अपनी तस्वीर साझा की थी, जिसकी पड़ताल करते हुए पुलिस टीम तिली तिराहा स्थित उसके आवास पर पहुंची थी।
💵 कुल 3 करोड़ रुपये कैश बरामद, एसपी अनुराग सुजानिया ने की पुष्टि
छापेमारी की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक (SP) अनुराग सुजानिया स्वयं भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
एसपी अनुराग सुजानिया ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि नोटों की गिनती पूरी होने के बाद कुल करीब ₹3 करोड़ नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी युवक के पास अवैध आग्नेयास्त्र है, लेकिन तलाशी के दौरान भारी मात्रा में यह अघोषित नकदी हाथ लगी, जिसे विधिवत जब्त करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
🔍 भोपाल के रिश्तेदार रमेश अहिरवार का बताया जा रहा पैसा, जांच में जुटी पुलिस
प्रारंभिक पूछताछ के दौरान आरोपी के परिजनों ने पुलिस को बताया कि यह रकम भोपाल निवासी उनके रिश्तेदार रमेश अहिरवार की है।
परिजनों के अनुसार, रमेश करीब 8 महीने पहले यह भारी-भरकम रकम सौरभ के घर एक सुरक्षित अलमारी में रखकर गए थे और परिवार के बाकी सदस्यों को इसके वास्तविक स्रोत की पूरी जानकारी नहीं थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रमेश अहिरवार को हिरासत में लेकर पूछताछ की जाएगी और आयकर विभाग (Income Tax) को भी इस भारी नकदी के संबंध में सूचित किया जा रहा है, ताकि पैसों के वास्तविक स्रोत (Source of Income) की गहन जांच की जा सके।
🏠 साधारण परिवार की पृष्ठभूमि, पिता का हो चुका है निधन
घटनास्थल पर की गई जांच में सामने आया कि परिवार की आर्थिक पृष्ठभूमि बेहद साधारण है।
सौरभ के पिता राजेश अहिरवार एक गैस एजेंसी में काम करते थे, जिनका डेढ़ वर्ष पूर्व निधन हो चुका है। सौरभ स्वयं ड्राइवरी का काम करता है, जबकि उसकी मां एक गृहिणी हैं और छोटा भाई अंकित शहर में ऑटो रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता है। ऐसे में एक सामान्य चालक के घर से 3 करोड़ रुपये जैसी भारी रकम का मिलना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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