चंडीगढ़: शहर में धूल पैदा करने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने और प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। 300 स्क्वैयरमीटर से ज़्यादा खुली जगह पर मिट्टी या मलबा फेंककर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने पर अब 5 हज़ार से लेकर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। 15 अक्टूबर से 15 फरवरी के बीच यह जुर्माना दोगुना होगा, क्योंकि इस अवधि में प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक रहता है। यह फैसला चंडीगढ़ गवर्निंग बॉडी (CPCB) की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता चेयरमैन मंदीप सिंह बराड़ ने की। बैठक में सिटी इंजीनियर, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग और अन्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया। अधिकारियों ने बताया कि प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। निर्माण सामग्री खुली जगह पर फेंकने या छोड़ने पर तुरंत कार्रवाई होगी। पिछली बैठकों के फैसलों की समीक्षा भी की गई और संबंधित विभागों को जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं।
ई-वेस्ट प्रबंधन जरूरी
गवर्निंग बॉर्डी ने नई क्रिएट किए जाने वाले पदों के लिए सर्विस रुल्स बनाने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन की भर्ती शाखा से जानकारी लेने का फैसला लिया। बैठक में सी.पी.सी.सी. ने ई-वेस्ट की प्रभावी प्रबंधन प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता जताई। बैठक मे यह भी सुझाव दिया गया कि नागरिकों की सुविधआ के लिए हर घर से ई वेस्ट उठाने की सुविधा शुरू करने की मांग की गई।
ट्रैफिक और कूड़ा नियम सख्त
बैठक में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन, कूड़ा प्रबंधन और सीवेज मुद्दों पर भी चर्चा हुई। कई विभागों को समय पर रिपोर्ट जमा करने और कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए।
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