संक्रांति पर जिसकी वापसी का था इंतजार, जर्मनी से आई उसकी मौत की खबर; बुझ गया घर का चिराग

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थोकला रितिक रेड्डी ने अच्छा करियर और बेहतर जिंदगी का सपना देखा था. इसी सपने को पूरा करने के लिए वो जर्मनी पढ़ाई करने के लिए गए. लेकिन भारतीय छात्र रितिक की नए साल के दिन ही मौत हो गई. रितिक का पूरा परिवार इंतजार कर रहा था कि वो मकर संक्रांति के दिन घर वापस आएंगे और पूरा परिवार मिलजुलकर इस त्योहार का आनंद लेगा. लेकिन अब रितिक का शव उनके घर पहुंचेगा.

रितिक की उम्र 25 साल थी और वो आग के हादसे का शिकार हो गए. दरअसल, रितिक जिस अपार्टमेंट में रहते थे वहां आग लग गई. उन्होंने अपनी जान बचाने की कोशिश की और अपार्टमेंट से नीचे कूद गए.

धुआं-धुआं हुआ अपार्टमेंट

अपार्टमेंट में तेजी से फैलती आग और घने धुएं से बचने की कोशिश में रितिक ने बर्लिन में अपार्टमेंट की ऊपरी मंजिल से छलांग लगा दी. उनके सिर में चोट लग गई. सिर में ज्यादा चोट लगने की वजह से उन्हें तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. ये हादसा नए साल के दिन हुआ, जिससे उनके परिवार के लिए जश्न का समय मातम में बदल गया.

एमएस की डिग्री के लिए गए थे जर्मनी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, रितिक रेड्डी जून 2023 में जर्मनी के मैगडेबर्ग में यूनिवर्सिटी ऑफ़ यूरोप में MS की डिग्री हासिल करने गए थे. उन्होंने 2022 में वाग्देवी कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग से ग्रेजुएशन किया था. उन्होंने दशहरा के दौरान छुट्टी लेने का प्लान टाल दिया था. इसके बजाय उन्होंने जनवरी के दूसरे हफ्ते में संक्रांति त्योहार के लिए घर आने का प्लान बनाया था.

जर्मनी में स्थानीय अधिकारी आग लगने के कारण का फिलहाल जांच कर रहे हैं. इसी बीच, तेलंगाना में रितिक के परिवार और दोस्तों ने विदेश मंत्रालय (MEA) और जर्मनी में भारतीय दूतावास से संपर्क किया है ताकि उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए उनके गांव वापस जल्दी से लाया जा सके.

पीड़ित, सहजा रेड्डी उडुमाला 2021 में हायर स्टडीज़ के लिए अमेरिका गई थीं. वह न्यूयॉर्क के अल्बानी में रह रही थीं. यहां की एक बिल्डिंग में आग लगी और तेजी से सहजा के घर में फैल गई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, आग लगने के समय वह सो रही थीं और बाहर नहीं निकल पाईं.

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