भारी बारिश के बीच निकली मां मनसा की विसर्जन यात्रा, कंधों पर प्रतिमाएं लेकर चले श्रद्धालु

झारखण्ड

धनबाद (झारखंड): तोपचांची प्रखंड अंतर्गत कोरकोटा पंचायत के केवट टोला में मां मनसा देवी की पूजा-अर्चना के उपरांत भव्य सामूहिक विसर्जन यात्रा का आयोजन किया गया।

गांव में स्थापित करीब सैकड़ों मां मनसा देवी की प्रतिमाओं को श्रद्धालु पूरी आस्था और उल्लास के साथ अपने कंधों पर उठाकर स्थानीय महतो तालाब तक लेकर पहुंचे। क्षेत्र में लगातार हो रही तेज बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की अटूट भक्ति, उत्साह और आस्था में कोई कमी नजर नहीं आई।

🪔 200 घरों में स्थापित हुई थीं प्रतिमाएं, जयकारों से गूंज उठा पूरा गांव

केवट टोला में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान का स्वरूप अत्यंत भव्य और सामूहिक रहा:

  • घर-घर में स्थापना: इस वर्ष गांव के करीब 200 केवट परिवारों के घरों में मां मनसा देवी की प्रतिमाएं श्रद्धापूर्वक स्थापित की गई थीं।

  • विधि-विधान से पूजन: विधिवत मंत्रोच्चार, वैदिक रीति-रिवाजों और पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ पूजा संपन्न होने के बाद सभी प्रतिमाओं को एक साथ सामूहिक विसर्जन के लिए निकाला गया।

  • महिलाओं और बच्चों की भागीदारी: विसर्जन यात्रा में गांव की महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पूरे मार्ग में मां मनसा के जयकारे लगाते हुए तालाब तक का सफर तय किया।

🐟 पूजा संपन्न होने के बाद ही तालाब में मछली पकड़ने की परंपरा, सामाजिक ताने-बाने से जुड़ा उत्सव

केवट टोला में मां मनसा देवी की आराधना का केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि गहरा पारंपरिक और सामाजिक महत्व भी है:

  • कुलदेवी के रूप में मान्यता: गांव में लगभग 200 केवट परिवार निवास करते हैं, जिनके लिए मां मनसा कुलदेवी के रूप में अत्यंत पूजनीय हैं।

  • आजीविका से जुड़ी परंपरा: ग्रामीणों के अनुसार, सदियों पुरानी परंपरा है कि मां मनसा की वार्षिक विधिवत पूजा और विसर्जन संपन्न होने के बाद ही ग्रामीण तालाब में मछली पकड़ने के कार्य की शुरुआत करते हैं।

  • सामाजिक एकजुटता: यह आयोजन पूरे समुदाय को एक सूत्र में बांधने और उनकी पारंपरिक जीवनशैली को आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम है।

🙏 सुख-शांति की प्रार्थना के साथ नम आंखों से दी गई विदाई, आस्था के आगे मौसम बेअसर

विसर्जन के अंतिम क्षणों में भक्तिमय माहौल के बीच विदाई की रस्में पूरी की गईं:

  • समृद्धि की कामना: विसर्जन के समय ग्रामीणों ने मां मनसा से परिवार, समाज और पूरे गांव में खुशहाली, सुख-शांति एवं सुरक्षा की मंगल कामना की।

  • ग्रामीण संस्कृति की मिसाल: बारिश की फुहारों के बीच आयोजित यह भव्य विसर्जन यात्रा ग्रामीण एकता, सामूहिक सहभागिता और लोक आस्था का एक अनुपम उदाहरण बनकर सामने आई।

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