दिल्ली-नोएडा वालों की मौज! खत्म होने वाला है ‘चिल्ला’ का जाम, सीएम योगी ने एलिवेटेड रोड को लेकर अफसरों को दिए ये सख्त निर्देश

दिल्ली

दिल्ली और नोएडा के बीच यातायात को सुगम बनाने के लिए बनाए जा रहे चिल्ला एलिवेटेड रोड परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में परियोजना की प्रगति की समीक्षा की थी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अब तक करीब 42 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस परियोजना को तय सीमा में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के साथ पूरा किया जाए.

इस एलिवेटेड रोड परियोजना की कुल लागत करीब 892 करोड़ रुपए बताई जा रही है. सरकार और नोएडा प्राधिकरण मिलकर इस परियोजना को आगे बढ़ा रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि यह सड़क दिल्ली नोएडा के बीच बढ़ते ट्रैफिक दबाब को कम करने में भूमिका निभाएगी. इसके निर्माण से रोजाना आने जाने वाली लाखों यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. इस परियोजना को साल 2023 में उत्तर प्रदेश में मंजूरी मिली थी. उस समय परियोजना की लागत करीब 787 करोड़ रुपए निर्धारित की गई थी और इसमें 50% धनराशि राज्य सरकार द्वारा दिए जाने का निर्णय लिया गया था. इसके बाद प्राधिकरण ने निर्माण कार्य को तेजी से शुरू किया है.

5.96 किमी लंबा होगा 6 लाइन का एलिवेटेड रोड

यह एलिवेटेड रोड करीब 5.96 किलोमीटर लंबा और छह लेन का होगा परियोजना को गंदे नाले के साथ-साथ विकसित किया जा रहा है. ताकि जमीन का बेहतर उपयोग किया जा सके. अधिकारियों के अनुसार, इस एलिवेटेड रोड का निर्माण करें 296 पिलर पर किया जा रहा है. इसके तैयार होने के बाद दिल्ली से नोएडा की यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और सुविधाजनक हो जाएगी. इस एलिवेटेड रोड परियोजना की कुल लागत करीब 892 करोड रुपए बताई जा रही है. सरकार और नोएडा प्राधिकरण मिलकर इसको योजना को आगे बढ़ा रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि वह सड़क दिल्ली नोएडा के बीच बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए भूमिका निभाएगा. इस निर्माण से रोजाना आने जाने वाले लाखों यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.

2023 में मिली थी परियोजना को मंजूरी

इस परियोजना को वर्ष 2023 में उत्तर प्रदेश कैबिनेट की मंजूरी मिली थी. उस समय परियोजना की लागत करीब 787 करोड रुपए निर्धारित की गई थी और इसमें 50 प्रतिषय धनराशि राज्य सरकार द्वारा दिए जाने का निर्णय लिया गया था इसके बाद यह कार्यक्रम से रुक गया था. लेकिन परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली और नोएडा के बीच सफर तेज होने के साथ-साथ समय और ईंधन दोनों की बेहद बचत होगी.

ट्रैफिक जाम की समस्या होगी कम

चिल्ला बॉर्डर दिल्ली और नोएडा के बीच सबसे बेहरतीन मार्गों में से एक है. रोजाना इस रास्ते से हजारों वाहन गुजरते हैं, जिससे कई बार लंबा जाम लग जाता है. एलिवेटेड रोड बनने के बाद ट्रैफिक का बड़ा हिस्सा पर से गुजर सकेगा और नीचे की सड़कों पर दबाव काम हो जाएगा. परियोजना पूरी होने तक दिल्ली और नोएडा के बीच सफर तेज होने के साथ समय और ईंधन इन दोनों की बचत होगी यही है.

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