सुकमा में खत्म हुआ खौफ का दौर! अब बंदूकों की जगह गूंज रही स्कूलों की घंटियां, नक्सल प्रभावित इलाकों में लौट रही शिक्षा की रौनक

छत्तीसगढ़

रायपुर: जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय के रिकॉर्ड रूम में लगी भीषण आग ने शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया. जिस स्टोर रूम में अनुकंपा नियुक्ति, मध्यान्ह भोजन योजना, निजी स्कूलों की मान्यता, बजट और शिकायतों से जुड़े हजारों महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे थे, वो पूरा रिकॉर्ड जलकर खाक हो गया. आग कैसे लगी अभी इस बात की जानकारी सामने नहीं आ पाई है.

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के स्टोर रूम में लगी आग

इस अग्निकांड में शिक्षा विभाग को सबसे बड़ा नुकसान दस्तावेजों के रूप में हुआ है. आग की चपेट में आने से स्टोर रूम में रखे मध्यान्ह भोजन योजना, अनुकंपा नियुक्ति, स्कूलों की मान्यता और विभिन्न स्कूलों से जुड़ी शिकायतों के महत्वपूर्ण रिकॉर्ड पूरी तरह से जलकर खाक हो गए हैं. इसके अलावा कई विभागीय जांच और प्रशासनिक कार्रवाइयों से संबंधित फाइलें भी आग की चपेट में आने से नष्ट हो गई हैं, जिससे आने वाले समय में कई मामलों की जांच और प्रक्रियाएं प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है.

कैसे लगी आग, कैसे पाया गया उसपर काबू?

आग लगने की सूचना स्थानीय लोगों के द्वारा फायर फाइटर टीम को दी गई. घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंची. कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका. आग लगने से आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और एहतियातन बिजली सप्लाई काटी गई, ताकि आग और न फैल सके.

शॉर्ट सर्किट या लापरवाही?

DEO कार्यालय के कर्मचारियों के अनुसार, आग लगने के कारणों का फिलहाल स्पष्ट पता नहीं चल पाया है. शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट या स्टोर रूम में रखी सामग्री से आग लगने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि, जिस तरह से महत्वपूर्ण फाइलें ही सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं, उसे लेकर कई तरह के सवाल भी खड़े हो रहे हैं.

जांच के लिए विशेष टीम गठित

प्रशासन ने आग लगने की घटना की जांच के लिए विशेष टीम गठित कर दी है, जो नुकसान का आकलन करने के साथ-साथ आग लगने के असली कारणों और जिम्मेदारों की भी पड़ताल करेगी. अधिकारियों का कहना है कि जली हुई फाइलों और दस्तावेजों को डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए दोबारा तैयार करने की कोशिश की जाएगी.

प्रशासनिक कामकाज पर पड़ेगा असर

शुरूआती जानकारी के अनुसार, स्टोर रूम में रखे कई अहम दस्तावेज अब दोबारा मिल पाएंगे ये कहना मुश्किल है. आग की चपेट में आने से अनुकंपा नियुक्ति, स्कूल मान्यता और विभागीय जांच से जुड़े कई प्रकरण लंबे समय तक अटक सकते हैं. इससे शिक्षा विभाग के रोजमर्रा के कामकाज पर भी सीधा असर पड़ने की आशंका है. इस पूरे घटनाक्रम में राहत की बात यह रही कि इस भीषण हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन इस घटना ने शिक्षा विभाग की फाइलों की सुरक्षा, रिकॉर्ड प्रबंधन और प्रशासनिक पारदर्शिता पर बड़े सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं.

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