यूपी के बुलंदशहर में NH-91 पर मां-बेटी से सामूहिक दुष्कर्म मामले में कोर्ट ने आज अपना फैसला सुना दिया है. अदालत ने मामले में शामिल सभी 5 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है. साथ ही साथ हर दोषियों पर 1 लाख 81 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है. यह फैसला अपर जनपद सत्र न्यायाधीश पोक्सो ओम प्रकाश तृतीय ने सुनाया. फैसले के समय अदालत में पीड़ित परिवार भी मौजूद था.
दरअसल, 29 जुलाई, 2016 में बुलंदशहर नेशनल हाईवे पर दोषियों ने एक परिवार को बंधक बनाकर मां और उसकी नाबालिग बेटी के साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया था. मामला सामने आने के बाद देश में हड़कंप मच गया था. आनन-फानन में पुलिस ने तब कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया था. घटना का मुख्य आरोपी सलीम बावरिया था, जिसे पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया था. उसका एक साथी भी मारा गया था जबकि एक की मौत बीमारी से हुई थी.
सीबीआई ने की थी घटना की जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी थी. सीबीआई ने अपनी जांच में 3 आरोपियों को मामले से अलग कर दिया था. जबकि बचे आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की थी. अब करीब 9 साल बाद कोर्ट ने कन्नौज निवासी जुबैर साजिद और फरूखाबाद के धर्मवीर, नरेश और सुनील को आजीवन कारावास की सजा हुनाई है.
देहात कोतवाली से महज 2 किलोमीटर दूर की घटना
दरिंदों ने जिस जगह पर घटना को अंजाम दिया था वो जिला मुख्यालय से महज 5 किमी दूर था. घटनास्थल से देहात कोतवाली मात्र 2 किलोमीटर की दूरी पर थी. इसके बाद भी बेखौफ बदमाशों ने हाईवे से गुजर रहे एक परिवार को निशाना बनाया और फिर सभी को बंधक बनाकर मां और नाबालिग बेटी के साथ गैंगरेप किया. बात में लूटपाट कर छोड़ दिया. हैरानी की बात तो ये थी कि बदमाशों ने इतनी बड़ी घटना को अंजाम दिया लेकिन पुलिस को भनक तक नहीं लगी.
तेरहवीं में शामिल होने जा रहा था परिवार
बदमाशों ने जिस परिवार के साथ घटना को अंजाम दिया वो नोएडा से कार के जरिए शाहजहांपुर अपने गांव में एक तेरहवीं में शामिल होने के लिए जा रहा था. कार में 14 साल की नाबालिक लड़की, उसकी मां-पिता और परिवार के तीन अन्य लोग बैठे हुए थे.
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