कोर्ट का फैसला खुद कटघरे में आया, हाईकोर्ट ने अपीलीय कोर्ट को लगाई फटकार

मध्य प्रदेश

जबलपुर : अपीलीय कोर्ट द्वारा आरोपी को दोषमुक्त करने के आदेश पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. सरकार की तरफ से दायर अपील की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा है कि सिर्फ एक लाइन का आदेश जारी करना निंदनीय है. अपीलीय कोर्ट के किसी ज्यूडिशियल ऑफिसर से यह उम्मीद नहीं की जाती कि वह केस की मेरिट्स पर बिना जाए और सबूतों पर चर्चा किए बिना इतना छोटा, रहस्यमय और बिना तर्क आदेश जारी कर दें.

अपीलीय कोर्ट का फैसला खुद कटघरे में

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सरकार की ओर से एक याचिका दायर की गई थी. इस याचिका में भोपाल जिला न्यायालय के अपीलीय कोर्ट द्वारा अनावेदक बाबूलाल मालवीय को दोषमुक्त किए जाने को चुनौती दी गई थी. अपील में कहा गया था कि अनावेदक ट्रायल कोर्ट ने धारा 323 के तहत आरोपी को 6 माह की सजा से दंडित किया था. सजा के खिलाफ दायर की गई अपील को स्वीकार करते हुए अपीलीय कोर्ट ने उसे दोषमुक्त कर दिया. अपील कोर्ट ने बिना कोई कारण बताए ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई सजा और दोषसिद्धि को रद्द कर दिया है.

याचिका में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को बताया गया कि अपील कोर्ट का ऑर्डर बहुत छोटा, रहस्यमयी और बिना तर्क का है. गैर-कानूनी आदेश होने के कारण निरस्त करने योग्य है.

हाईकोर्ट ने लगाई फटकार, फैसला किया रद्द

हाईकोर्ट जस्टिस राजेन्द्र कुमार वाणी ने अपीलीय कोर्ट के आदेश को निरस्त करने की याचिका पर सुनवाई की. एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि अपीलीय कोर्ट ने अपने आदेश में सिर्फ इतना लिखा है कि पक्ष के तर्क सुनने व विचारण न्यायालय से आए मूल प्रकरण का अवलोकन किया गया, अपील स्वीकार करने योग्य है और दंडादेश आप्रस्त किया जाता है. हाईकोर्ट ने इसपर कहा कि कानूनी सिद्धांतों के अनुसार अपील कोर्ट का दिया गया विवादित फैसला मानने लायक नहीं है. ट्रायल कोर्ट के फैसले को रद्द करने के लिए कोई वजह नहीं बताई गई है. विवादित फैसले से पता चलता है कि अपील कोर्ट का तरीका निंदनीय है.

फिर होगी मामले की सुनवाई

जस्टिस राजेंद्र कुमार ने इसके कहा कि विवादित फैसला रद्द किया जा सकता है और मामले को कानून के मुताबिक नए सिरे से फैसला करने के लिए अपील कोर्ट को वापस भेजा जाता है. हाईकोर्ट जस्टिस राजेन्द्र कुमार वाणी ने इसी के साथ अपीलीय कोर्ट के आदेश को निरस्त करते हुए पुनः प्रकरण की सुनवाई के आदेश जारी किए हैं.

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry