थलपति विजय का ‘क्रेज’ या पागलपन? 5000 रुपये में बिक रही एक टिकट, रिलीज से पहले ही टूटा डिमांड का रिकॉर्ड

मनोरंजन

साउथ सिनेमा के सुपरस्टार थलपति विजय अपनी फिल्म और पॉलिटिक्स को लेकर इस वक्त सुर्खियों में हैं. थलपति की आखिरी फिल्म जन नायगन (जन नेता) आने वाली 9 जनवरी को रिलीज होने के लिए तैयार है. फिल्म के साथ मसला ये है कि इसे अबतक सेंसर बोर्ड का सर्टिफिकेट नहीं मिला है. ये विजय की आखिरी फिल्म है, जिसके बाद वो एक्टिंग से सन्यास ले रहे हैं, ऐसे में विजय के फैंस के लिए ये फिल्म बेहद खास है. विजय की फिल्म को रिलीज के लिए 48 घंटे से भी कम का वक्त बचा है, फिल्म को सर्टिफिकेट नहीं मिला, फिर भी विजय की फिल्म की टिकट्स बिक रही हैं.

इससे भी ज्यादा हैरानी की बात है इसके टिकट का प्राइज. विजय की आखिरी फिल्म के लिए दर्शक 2000 से 5000 रुपये तक भी खर्च कर रहे हैं, ताकी वो विजय को बड़े पर्दे पर देख सकें. सेंसर बोर्ड से इस फिल्म की रिलीज का पेंच फंसा हुआ है, इसलिए ढंग से एडवांस बुकिंग नहीं हो पा रही है. मामले पर मेकर्स ने हाई कोर्ट का रुख किया था. सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया है.

1000 रुपये है मिनिमम प्राइज

खबरों की मानें तो जन नायगन के टिकट का मिनिमम प्राइज 1000 रुपये है, जो की सरकार के घोषित टिकट प्राइज 190 रुपये से लगभग 5 गुना ज्यादा है. कई जगह विजय की फिल्मों की ब्लैक टिकटिंग होने का भी मामला सामने आया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म के लिए 3000-3500 से 4000 रुपये तक में विजय की फिल्म की टिक्ट्स को बेचा जा रहा है. खुद इंडस्ट्री के लोगों का मानना है कि विजय की फिल्म की जितनी डिमांड है, ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया.

कहां फंसा है पेंच?

इसके अलावा ये भी कहा जा रहा है कि मेकर्स की ओर से थिएटर मालिकों पर 80% के थिएटर एलोकेशन की बात हो रही है, जिससे थिएटर्स को काफी नुकसान हो रहा है. ऐसा विजय की पिछली फिल्म गोट (GOAT) के साथ भी हुआ था. विजय ने अपनी पार्टी बना ली है और अब वो राजनीति में सीधे तौर पर उतरने जा रहे हैं. ऐसे में उनकी फिल्म का मसला काफी गंभीर होता जा रहा है.

ये फिल्म 19 दिसंबर, 2025 को सर्टिफिकेशन के लिए भेजी गई थी, लेकिन उसके बाद से मेकर्स को अथॉरिटी की तरफ से काफी सादा रिएक्शन मिला था. मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि कई लोगों का मानना है कि ये सब एक्टर की इमेज खराब करने के लिए किया जा रहा है. जन नेता एक पॉलिटिकल थ्रिलर फिल्म है, जिसकी वजह से भी सर्टिफिकेशन में देरी की उम्मीद की जा रही है. लेकिन तीन दिन के बाद फिल्म रिलीज होने को तय है, सेंसर सर्टिफिकेट न मिलने की वजह से इसकी रिलीज में देरी भी हो सकती है.

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