पाकिस्तान में बैठे आतंकी शहजाद भट्टी के नेटवर्क को लेकर सर्च अभियान चलाया जा रहा है. जयपुर में केंद्रीय एजेंसी के इनपुट पर राजस्थान ATS ने कई जगहों पर छापे मारे. राजस्थान के 20 जिलों में बुधवार को दिनभर छापेमारी की गई. इस दौरान 60 लोगों से पूछताछ की गई. शहजाद भट्टी का नेटवर्क सोशल मीडिया पर ‘पे-पर-टास्क’ मॉडल पर काम कर रहा था. हर काम के बदले पैसा—इस गैंग ने अपने स्लीपर मॉड्यूल के जरिए संवेदनशील सरकारी इमारतों की फोटो-वीडियो बनाकर भेजने के बदले युवाओं को पैसे दिए.
🌐 डार्क वेब और गेमिंग ऐप्स का जाल: युवाओं को भर्ती करने का नया तरीका
जांच में सामने आया है कि डार्क वेब ब्राउजर, ऑटो-डिलीट चैट ऐप और गेमिंग सर्वर आधारित प्राइवेट चैट रूम के जरिये युवाओं को संपर्क किया जाता था. देशभर से करीब 900 और राजस्थान से करीब 60 युवा भी इस नेटवर्क के संपर्क में थे. शहजाद भट्टी का नेटवर्क राजस्थान की सामरिक और संवेदनशील जानकारी हासिल कर रहा था. शहजाद भट्टी पाकिस्तान का कुख्यात आतंकी है और ISI से जुड़ा रहा है. वह युवाओं को पैसे, हथियार और गैंगस्टर ग्लैमर का लालच देकर ग्रेनेड अटैक, फायरिंग और टारगेट किलिंग जैसे टास्क देता है.
🇦🇪 दुबई में होने का शक: बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में भी आया था नाम
मार्च 2024 में, गैंगस्टर शहजाद भट्टी पर जालंधर में YouTuber रोजर संधू के घर के पास ग्रेनेड हमले की साजिश रचने का आरोप लगा था, जिसके अब दुबई में होने का शक है. तब से उसका नाम भारत के कई बड़े मामलों से जुड़ा है, जिसमें 2024 में मुंबई में NCP नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या भी शामिल है. आरोप है कि उसने मुख्य साजिशकर्ता जीशान अख्तर को भारत से भागने में मदद की थी. सूत्रों के मुताबिक, भट्टी बेरोजगार युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर देश में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए पैसे दे रहा है.
📂 एक दर्जन से ज्यादा FIR: NIA ने भी कसा शिकंजा
लगभग 45 साल के भट्टी के खिलाफ दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए युवाओं की भर्ती करने के आरोप में एक दर्जन से ज्यादा FIR दर्ज की गई हैं. भारत में उसके बढ़ते नेटवर्क को देखते हुए, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भी उसके खिलाफ दो FIR दर्ज की हैं. सरकारी एजेंसियां अब उन युवाओं की पहचान कर रही हैं जो इसके ‘पे-पर-टास्क’ मॉडल के झांसे में आकर देश की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे थे.
🛡️ राजस्थान ATS की मुस्तैदी: संवेदनशील जानकारी लीक होने से बचाई
राजस्थान ATS के इस बड़े एक्शन से राज्य में फैले आतंकी स्लीपर सेल्स के नेटवर्क को तगड़ा झटका लगा है. पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिनमें सरकारी भवनों के नक्शे और फोटो भेजने की बात भी शामिल है. अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया की निगरानी बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि भविष्य में किसी भी बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम किया जा सके.
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