तमनार महिला पुलिसकर्मी मारपीट और अमानवीयता केस, इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन कमीशन प्रतिनिधि मंडल पहुंचा, कलेक्टर एसपी को दिया पत्र

छत्तीसगढ़

रायगढ़: इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन कमीशन का एक प्रतिनिधि मंडल रायगढ़ कलेक्टर कार्यालय पहुंचा. इस प्रतिनिधिमंडल ने रायगढ़ कलेक्टर और एसपी के नाम पत्र सौंपा है. इस पत्र में कहा गया है कि बीते दिनों तमनार क्षेत्र में कार्यरत एक महिला पुलिसकर्मी के साथ हुई अमानवीयता और क्रूरता भरी घटना पूरे प्रदेश के लिए लज्जा का विषय है.

तमनार महिला पुलिसकर्मी मारपीट और अमानवीयता केस

एक वर्दीधारी रक्षक के साथ ऐसी बर्बरता यह दर्शाती है कि अपराधियों के मन में कानून का भय समाप्त हो चुका है. यह घटना केवल एक आपराधिक कृत्य नहीं है बल्कि जिले में महिलाओं की सुरक्षा और संवैधानिक गरिमा का खुला उल्लंघन है.

इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन कमीशन ने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक राजपत्रित अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल गठित कर साक्ष्यों का संकलन इतनी मजबूती से हो कि इस मामले का फास्ट ट्रैक कोर्ट में जल्दी से निपटारा हो.

तमनार में महिला कांस्टेबल से अमानवीयता को लेकर कलेक्टर एसपी से मिले. मुआवजे की मांग की गई है. हमें आश्वासन दिया गया है: रोमेश सिन्हा, जिला अध्यक्ष, ह्यूमन राइट्स

मुआवजे की मांग है. कांस्टेबल के साथ ऐसा व्यवहार हुआ है तो आम महिला के साथ कैसा व्यवहार किया जाएगा.कड़ी कार्रवाई चाहते हैं ताकि आगे ऐसा किसी के साथ न हो: कायनात शेख, प्रदेश प्रभारी, ह्यूमन राइट्स

इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन कमीशन की मांग

इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन कमीशन ने यह भी मांग रखी है कि अपराधियों पर हत्या के प्रयास एवं अन्य गंभीर गैरजमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उनकी संपत्ति और आपराधिक इतिहास की भी जांच की जाए. इस मामले में पुलिस की कार्रवाई ऐसी हो, जो भविष्य के लिए एक उदहारण बने. वहीं पीड़िता को तत्काल ‘पीड़ित प्रतिकर योजना’ के तहत अधिकतम आर्थिक सहायता, उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा और मनोवैज्ञानिक परामर्श उपलब्ध कराया जाए.

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