देवघर के पेड़े में मिट्टी की मिलावट की बात निकली बेबुनियाद, प्रशासन और लैब रिपोर्ट ने अफवाहों पर लगाया विराम

झारखण्ड

देवघर:बैद्यनाथ धाम देवघर के प्रसिद्ध प्रसाद पेड़े में मिट्टी की मिलावट को लेकर सोशल मीडिया पर फैली खबरों ने आम लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी है. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया में यह दावा किया गया था कि श्रावणी मेले के दौरान देवघर के पेड़े में करीब 15 प्रतिशत तक मिट्टी मिलावट की गई थी. खबर के वायरल होते ही मामला काफी तूल पकड़ लिया.

हालांकि जब पूरे मामले की पड़ताल की गई तो इन दावों की पुष्टि कहीं से भी नहीं हो सकी. जिला खाद्य निरीक्षक राजेश कुमार शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब तक की गई जांच में देवघर की किसी भी दुकान में पेड़े में मिट्टी की मिलावट का कोई प्रमाण नहीं मिला है. उन्होंने बताया कि श्रावणी मेले में से लेकर अब तक लगभग 600 से 700 पेड़ा की दुकानों की जांच की जा चुकी है, लेकिन एक भी स्थान पर पेड़े में मिट्टी की मिलावट की शिकायत सही नहीं पाई गई.

फूड इंस्पेक्टर ने अफवाहों पर लगाया विराम

फूड इंस्पेक्टर राजेश शर्मा के अनुसार राज्य स्तर की फूड स्टेट लेबोरेटरी से भी इस मामले की पुष्टि कराई गई है. लैब रिपोर्ट और विभागीय जांच दोनों में यह साफ हो चुका है कि देवघर में तैयार हो रहे पेड़े पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनमें मिट्टी की मिलावट जैसी कोई बात सामने नहीं आई है. राज्य के वरीय अधिकारियों द्वारा भी प्रेस विज्ञप्ति और आधिकारिक बयान जारी कर इस अफवाह का खंडन किया जा चुका है.

देवघर का प्रसिद्ध प्रसाद है पेड़ा

गौरतलब है कि देवघर एक वैश्विक स्तर का धार्मिक स्थान है. देवघर के द्वादश ज्योतिर्लिंग बाबा बैद्यनाथ धाम में भारत से ही नहीं, बल्कि दुनिया के अनेक देशों से लोग पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं और प्रसाद के रूप में देवघर का पेड़ा खरीदकर ले जाते हैं. ऐसे में इस तरह की अफवाह निश्चित रूप से पूरे देश और दुनिया के लोगों को परेशान कर सकता है.

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