अशोकनगर : जिला अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिला को डॉक्टर्स ने हाईरिस्क केस बताकर भोपाल के लिए रेफर किया. मेडिकल स्टाफ के साथ परिजन महिला को भोपाल ले जाने की तैयारी कर रहे थे. जैसे ही महिला लेबर रूम से बाहर आई तो गैलरी में ही उसका प्रसव हो गया. इसके बाद आनन-फानन में जच्चा और बच्चा दोनों को भर्ती किया गया. दोनों स्वस्थ हैं.
जिला अस्पताल में दोपहर के वक्त की घटना
नारायणपुर गांव की रहने वाली महिला को परिजनों ने जिला अस्पताल में सोमवार सुबह 6 बजे भर्ती कराया था. परिजनों का आरोप है कि सुबह से ही हाई रिस्क कहकर महिला को भोपाल रेफर करने की बात अस्पताल स्टाफ द्वारा कही गई. इसके बाद दोपहर लगभग 1 बजे महिला को दोबारा से लेबर रूम में ले जाया गया. जहां फिर से स्टाफ ने उसे भोपाल जाने की बात कही. लेबर रूम से महिला आ ही रही थी कि इतने में गैलरी में ही उसका प्रसव हो गया.
महिलाओं ने तिरपाल लगा कराई डिलीवरी
महिला के पति का कहना है “डॉक्टरों ने उसकी पत्नी की हालत गंभीर बताई और भोपाल ले जाने को कहा. जैसे ही वह परिजनों और अस्पताल स्टाफ की मदद से पत्नी को लेबर रूम से बाहर लेकर आया तो उसकी हालत बिगड़ गई. उसकी गैलरी में ही फर्श पर डिलीवरी हो गई. परिवार की महिलाओं ने आसपास तिरपाल लगाकर डिलीवरी कराई.” चीख पुकार की आवाज सुनकर गार्ड सहित मैटरनिटी स्टाफ मौके पर पहुंचा और तुरंत जच्चा और बच्चा दोनों को भर्ती किया.
सिविल सर्जन बोले- लापरवाही मिली तो कार्रवाई करेंगे
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन भूपेंद्र शेखावत का कहना है “महिला की मैटरनिटी वार्ड की गैलरी में डिलीवरी हुई है. सूचना मिलते ही वह भी मौके पर पहुंचे. मेडिकल स्टाफ ने तुरंत महिला की केयर की. मामले की जांच की जाएगी. परिजन अगर शिकायत करते हैं तो जांच कराएंगे. अपने स्तर पर भी मामले की जांच कराएंगे. जांच में जो भी तथ्य निकाल कर आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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